पश्चिम अगरतला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी (ओसी) राणा चटर्जी ने संवाददाताओं को बताया, ‘एक बैंक अधिकारी की विशेष शिकायत के बाद हमने गुरुवार को एएमसी के खाते से 16.38 करोड़ रुपये की हेराफेरी के आरोप में एक प्राथमिकी दर्ज की है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हैदराबाद से संचालित जालसाजों ने बैंक से बड़ी रकम निकालने के लिए छह क्लोन चेक का इस्तेमाल किया था।’

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पुलिस ने क्लोन चेक का इस्तेमाल करके अगरतला नगर निगम (एएमसी) के खाते से 16.38 करोड़ रुपये निकालने के आरोप में अज्ञात जालसाजों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यूको बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव रॉय ने पाया कि अगस्त और सितंबर के पहले भाग में छह क्लोन चेकों के जरिए नगर निगम के खाते से 16.38 करोड़ रुपये निकाले गए थे, जिसके बाद पश्चिम अगरतला पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।
हेराफेरी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज
पश्चिम अगरतला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी (ओसी) राणा चटर्जी ने संवाददाताओं को बताया, ‘एक बैंक अधिकारी की विशेष शिकायत के बाद हमने गुरुवार को एएमसी के खाते से 16.38 करोड़ रुपये की हेराफेरी के आरोप में एक प्राथमिकी दर्ज की है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हैदराबाद से संचालित जालसाजों ने बैंक से बड़ी रकम निकालने के लिए छह क्लोन चेक का इस्तेमाल किया था।’
सीईओ के जाली हस्ताक्षर कर पैसे निकाले
उन्होंने बताया कि जालसाजों ने नगर निकाय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डीके चकमा के जाली हस्ताक्षर करके पैसे निकाल लिए, जबकि मूल चेक प्राधिकरण के पास ही पड़े थे। चटर्जी ने कहा कि जांच अधिकारी ने यूको बैंक की कमान चौमुहानी शाखा से सीसीटीवी फुटेज पहले ही एकत्र कर ली है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जाली चेक जमा करने के लिए बैंक कौन आया था।
जालसाजों का पता लगाने में जुटी पुलिस
उन्होंने कहा, ‘एक बार जब हम उन लोगों का पता लगा लेंगे, जिन्होंने बैंक में जाली चेक जमा किए थे, तो हमें जाaच प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुराग मिल जाएंगे।’