गैंगस्टर के मुकदमे में तीन महीने से वांछित चल रहे सट्टा माफिया जगमोहन उर्फ तन्नू ने सोमवार को कोर्ट में समर्पण कर दिया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।

बरेली के बारादरी इलाके के गंगापुर निवासी सट्टा माफिया जगमोहन उर्फ तन्नू ने सोमवार को गैंगस्टर कोर्ट में समर्पण कर दिया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। गैंगस्टर के मुकदमे में वह तीन महीने से वांछित चल रहा था।
जगमोहन उर्फ तन्नू, विनय, नितिन, राहुल और भगवान स्वरूप उर्फ लाले वर्ष 2023 में प्रेमनगर थाने के पास हुई अजय वाल्मीकि की हत्या के मामले में आरोपी हैं। इस मामले में आरोपियों पर बारादरी पुलिस ने 28 मई को गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। गैंगस्टर मामले की जांच इज्जतनगर थाना पुलिस कर रही है। गिरोह का सरगना विनय, सदस्य नितिन और राहुल पहले से जेल में है। भगवान स्वरूप उर्फ लाले गैंगस्टर मामले में हाईकोर्ट से स्टे ले आया है और शहर में ही रह रहा है।
जुआ अधिनियम के एक अन्य मुकदमे में जगमोहन और उसकी पत्नी रेनू वांछित चल रहे थे। रेनू ने उस मुकदमे में सरेंडर कर पहले ही जमानत करा ली है। बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि जगमोहन को रिमांड पर लेने की कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
किराये पर मकान लेकर सट्टा कराता है तन्नू
तन्नू जिले का घोषित सट्टा माफिया है। वह अपने परिवार व रिश्तेदारों के साथ मिलकर सट्टा चलवाता है। वह कई बार जेल जा चुका है। जमानत पर बाहर आते ही वह फिर इसी धंधे में जुट जाता है। जब तन्नू जेल में होता है तो भी उसके परिवार के लोग गंगापुर व श्यामगंज इलाकों में किराये पर मकान लेकर सट्टा कराते हैं। हाल ही में पुलिस कई बार दबिश देकर आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है। सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि तन्नू के खिलाफ हत्या समेत 16 मुकदमे दर्ज हैं।