चित्तौड़गढ़। कहावत है – “सौ सोनार की, तो एक लोहार की”, यानी गलत काम ज्यादा दिन तक नहीं चलता। यही हाल राजस्थान के नकली शराब कारोबारियों का हुआ है। चित्तौड़गढ़ में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब बनाने और सप्लाई करने वाले गिरोह पर नकेल कस दी है।
कपासन के बेनीपुरिया गांव में छापेमारी कर आबकारी टीम ने एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यहां से कई इलाकों में नकली शराब की सप्लाई की जा रही थी। शुरुआती कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में कई और नाम सामने आए और अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

हाईवे से चोरी होकर पहुंचता था स्प्रीड
जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा हाईवे पर चलने वाले टैंकरों से चोरी किया गया स्प्रीड नकली शराब बनाने में इस्तेमाल हो रहा था। इसी कड़ी में मंगलवाड़ चौराहा निवासी रमेश अहीर को गिरफ्तार किया गया है, जो स्प्रीड सप्लाई करता था। रमेश चोरी किया हुआ स्प्रीड मेवदा निवासी प्रकाशचंद्र जाट, रेवाड़ा निवासी अजयपाल सिंह, बेनीपुरिया निवासी रविंद्रसिंह राठौड़ और ठुकरावा निवासी गजेंद्रसिंह को सप्लाई करता था।
नकली ढक्कन भी बरामद
आबकारी टीम ने भादसोड़ा थाना क्षेत्र के रकमपुरा निवासी नरेंद्रसिंह को भी दबोचा है। उसकी निशानदेही पर उदयपुर से व्हिस्की के 4924 नकली ढक्कन बरामद किए गए। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और अन्य सप्लायरों की तलाश भी की जा रही है।
जिला आबकारी अधिकारी गजेंद्रसिंह राजपुरोहित ने बताया कि यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश पर की गई थी और आने वाले दिनों में नकली शराब माफिया पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।