Himachal Weather: 1949 के बाद पहली बार अगस्त में सबसे अधिक बारिश दर्ज, अभी इतने दिन बरसेंगे बादल

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हिमाचल प्रदेश में बारिश ने अगस्त में करीब 76 वर्षों का रिकाॅर्ड तोड़ दिया है। प्रदेश में 1901 के बाद से अगस्त में नौवीं सबसे अधिक बारिश (431.3 मिमी) हुई है।

Himachal Weather: For the first time since 1949, the highest rainfall was recorded in August, it will rain for

हिमाचल प्रदेश में बारिश ने अगस्त में करीब 76 वर्षों का रिकाॅर्ड तोड़ दिया है। प्रदेश में साल 1901 के बाद से अगस्त में नौवीं सबसे अधिक बारिश (431.3 मिलीमीटर) हुई है। यह साल 1949 के बाद से अगस्त में हुई सबसे अधिक बारिश है। इससे पहले 1927 में सबसे अधिक बारिश (542.4 मिमी) दर्ज की गई थी।  माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी आंकड़ों में इसका खुलासा हुआ है। राज्य में अगस्त में 256.8 मिमी बारिश को सामान्य माना गया लेकिन वास्तव में 431.3 मिलीमीटर बारिश हुई जोकि 68 फीसदी अधिक है। इस दाैरान जिला कांगड़ा में सबसे अधिक वर्षा 816.2 मिमी और जिला लाहौल-स्पीति में सबसे कम 129.7 मिमी वर्षा हुई। अगस्त में बिलासपुर, चंबा, किन्नौर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और ऊना जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। हमीरपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है तथा लाहौल-स्पीति जिले में सामान्य वर्षा हुई है।

इतने दिन बरसेंगे बादल, इन जिलों में रेड अलर्ट, सितंबर में ऐसा रहेगा माैसम
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 7 सितंबर तक बारिश का दाैर जारी रहेगा। आज ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला, सोलन व सिरमाैर जिले के लिए रेड अलर्ट है। जबकि हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, मंडी, किन्नाैर व लाहाैल-स्पीति के लिए ऑरेंज अलर्ट है। 2 सितंबर के लिए कांगड़ा, मंडी व सिरमाैर में रेड अलर्ट, जबकि बाकि जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। खराब मौसम को देखते हुए शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, मंडी, ऊना और हमीरपुर, लाहाैल-स्पीति में प्रशासन ने शैक्षणिक संस्थान बंद रखने के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग के अनुसार सितंबर के के दौरान, राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य व सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है।

रेड अलर्ट के बीच जमकर बरसे बादल
बीते 24 घंटों के दाैरान  नंगल बांध व  बीबीएमबी क्षेत्र में 220.0, रायपुर मैदान 215.0, नयना देवी जी 192.0, सोलन 187.0, नाहन 177.8, जटोन बैराज 170.0, कसौली 135.0, ददाहू 134.0, मालरांव 132.0, रोहड़ू 130.0, धर्मपुर 124.6, ऊना 117.4, शिमला 115.8, पांवटा साहिब 109.6, कंडाघाट 108.2, जुब्बड़हट्टी 108.0, बरठीं 102.0, ब्राह्मणी 94.6, कुफरी 89.6, करसोग 81.2, बिलासपुर 80.8, नारकंडा 75.0, अघार 72.4, काहू 69.0, कोटखाई और शिलारू 68.4, बग्गी 62.6 व नेरी में 61.0 मिलीमीटर बारिश हुई।

मानसून में अब तक 320 लोगों  की माैत
प्रदेश में जारी बारिश के बीच मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 3,05,684.33 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 31 अगस्त तक 320 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 379 लोग घायल हुए हैं। 40 लोग अभी लापता हैं। इस दौरान 154 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 4,569 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 3,710 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,885 पालतु पशुओं की मौत हुई है।

 

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Author: NIMRA SALEEM

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