SCO Summit: शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों ने तियानजिन घोषणा में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों को सजा देने की मांग की। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई और दोहरे मापदंडों को खारिज किया।
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घोषणापत्र में कहा गया, सदस्य देशों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। एससीओ के सदस्य देशों ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में खुझदार और जाफर एक्सप्रेस पर हुए आतंकी हमलों की भी निंदा की। घोषणापत्र में आगे कहा गया, उन्होंने (सदस्य देशों ने) मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की। साथ ही यह भी कहा कि ऐसे हमलों के अपराधियों, योजनाकारों और समर्थकों को सजा मिलनी चाहिए।
एससीओ ने आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के खिलाफ अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई और इस बात पर जोर दिया कि इन तत्वों का निजी स्वार्थों के लिए इस्तेमाल करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। घोषणापत्र में कहा गया कि सदस्य देश मानते हैं कि आतंकवाद और चरमपंथ के खतरों से निपटने में संप्रभु देशों और उनकी सक्षम एजेंसियों की भूमिका सबसे अहम है।
‘सदस्य देश हर प्रकार के आतंकवाद की निंदा करते हैं और इस बात पर बल देते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जाना चाहिए। वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान करते हैं कि आतंकवाद, विशेषकर सीमापार आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई की जाए।’ एससीओ ने यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका बेहद अहम है और सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और वैश्विक आतंकवाद विरोधी रणनीति को पूरी तरह लागू करना चाहिए, ताकि सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जा सके।
दोहराया गया ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के संदेश
इसमें आगे कहा गया, घोषणा ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के संदेश को दोहराती है। सदस्य देशों ने 3 से 5 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली में आयोजित 5वें एससीओ स्टार्टअप मंच के परिणामों का स्वागत किया, जिससे विज्ञान, तकनीकी प्रगति और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग और गहरा हुआ है। सदस्य देशों ने 21-22 मई 2025 को नई दिल्ली में हुई 20वीं एससीओ थिंक टैंक मंच की बैठक को भी महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, उन्होंने विश्व मामलों की भारतीय परिषद (आईसीडब्ल्यूए) के तहत काम करने वाले एससीओ अध्ययन केंद्र की सराहना की, जिसने सांस्कृतिक और मानवीय आदान-प्रदान को मजबूत किया है।