पहाड़ों पर भारी बारिश के कारण यमुना नदी उफान पर है। देश की राजधानी दिल्ली में अब बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है। सोमवार सुबह हथिनीकुंड बैराज के सभी गेट खोल दिए गए।

पहाड़ों पर भारी बारिश के कारण यमुना नदी उफान पर है। देश की राजधानी दिल्ली में अब बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है। हरियाणा के यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज पर तीन लाख 11 हजार 332 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। जिसके बाद सभी गेट खोल दिए गए। फिलहाल हाई फ्लड घोषित कर दिया गया है।
सिंचाई विभाग ने जारी किया अलर्ट
सुबह सात बजे हथिनीकुंड बैराज में 2,72,751 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था। यमुना नदी में पहली बार इतना जलस्तर दर्ज किया गया। आज दिन में जलस्तर चार लाख क्यूसेक तक पहुंचने की संभावना है। क्योंकि पहाड़ों में लगातार बारिश जारी है। सिंचाई विभाग ने यमुना के साथ लगते क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है। लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचने की अपील की गई है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र में सुबह करीब एक घंटे तेज बारिश हुई है। बारिश ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। वहीं, मारकंडा नदी में फिलहाल सुबह 9:00 बजे तक 18000 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। जिसके दिन में बढ़ने की संभावना है। नदियों में बढ़े जलस्तर के कारण हरियाणा में करीब 90 गांव प्रभावित हैं और 4200 एकड़ फसल में पानी भर गया है।
बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि सितंबर में पहले सप्ताह में 1 से 4 सितंबर के दौरान हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर लगातार मानसून मेहरबान बना रहेगा। कुछ जगह भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान बिजली गिरने के भी आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक प्रदेश में बारिश का यह सिलसिला 5 सितंबर तक जारी रहेगा। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
फसल नुकसान पंजीकरण के लिए खुला ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल
बारिश की फसलों पर पड़ती हुई मार को देखकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसान हितैषी फैसला लेते हुए फसल नुकसान पंजीकरण के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल 12 जिलों के 1402 गांवों के लिए 10 सितंबर तक खोल दिया है। अब तक कुल 38 हजार 286 किसानों ने अपनी फसल क्षति का दावा दर्ज करवाया है।