जोधपुर, 30 अगस्त — यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कथावाचक आसाराम ने शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया। राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 अगस्त को उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार करते हुए आदेश दिया था कि वे सुबह 11 बजे तक जेल में आत्मसमर्पण करें।
आसाराम को जनवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने इलाज के लिए अंतरिम जमानत दी थी। लेकिन अहमदाबाद सिविल अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में उनकी तबीयत को “स्थिर” बताया गया, और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं मानी गई। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने जमानत अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया।
शनिवार को आसाराम अपने अधिवक्ताओं और समर्थकों के साथ पाल आश्रम से सीधे जेल पहुंचे। प्रवेश के समय उन्होंने व्हीलचेयर का सहारा लिया, जिससे उनकी बीमारी का हवाला दिया जा सके। जेल प्रशासन ने उन्हें नियमानुसार अंदर ले लिया।
🩺 मेडिकल रिपोर्ट और कोर्ट की टिप्पणी:
- अहमदाबाद सिविल अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने बताया कि आसाराम ने पिछले 3–4 महीनों में कई अस्पतालों का रुख किया, लेकिन नियमित फॉलो-अप नहीं कराया।
- 21 अगस्त को एम्स जोधपुर ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने की रिपोर्ट दी थी, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।
- कोर्ट ने माना कि उनकी स्थिति गंभीर नहीं है और उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है।
⚖️ गुजरात हाईकोर्ट से मिली राहत:
हालांकि राजस्थान हाईकोर्ट ने जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया, लेकिन गुजरात हाईकोर्ट ने उन्हें 3 सितंबर तक अंतरिम जमानत दी हुई है। आसाराम को राजस्थान और गुजरात दोनों में यौन उत्पीड़न के मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।