उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के सिंघावली अहीर क्षेत्र में दुष्कर्म की शिकार 15 वर्षीय किशोरी का हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद गर्भपात कराया गया। मेरठ मेडिकल कॉलेज में पांच सदस्यीय चिकित्सक समिति की निगरानी में गर्भपात की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद शुक्रवार को पीड़िता को डिस्चार्ज कर दिया गया।
करीब साढ़े चार महीने पहले गांव के ही एक युवक ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। डर के चलते किशोरी ने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। कुछ समय बाद तबीयत बिगड़ने पर परिवार को उसके गर्भवती होने का पता चला। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

अदालत से हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
गर्भपात के लिए पीड़िता के परिवार ने पहले जिला न्यायालय में याचिका दायर की थी, लेकिन सीएमओ की रिपोर्ट में खतरे की आशंका जताई जाने पर निचली अदालत ने अनुमति नहीं दी। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने 26 अगस्त को आदेश देते हुए 24 घंटे के भीतर मेडिकल बोर्ड गठित कर गर्भपात कराने के निर्देश दिए।
आदेश के बाद मेरठ मेडिकल कॉलेज में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, मनोचिकित्सक और सीएमओ की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई। 27 अगस्त को किशोरी को भर्ती कर लिया गया और 28 अगस्त को सुरक्षित गर्भपात कराया गया। फिलहाल पीड़िता चिकित्सकों की देखरेख में है।
इससे पहले भी आए थे ऐसे मामले
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में भी इसी क्षेत्र की एक दुष्कर्म पीड़िता छात्रा छह माह की गर्भवती हो गई थी। उस समय भी हाईकोर्ट के निर्देश पर मेडिकल बोर्ड की देखरेख में उसका गर्भपात कराया गया था। वहीं, कुछ मामलों में स्वास्थ्य जोखिम अधिक होने पर अदालत ने गर्भपात की अनुमति नहीं दी थी।