यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ट्रंप और यूरोपीय नेताओं से अगली हफ्ते मुलाकात की योजना बनाई है ताकि रूस के साथ युद्ध खत्म करने की कोशिशों को तेजी आगे बढ़ाया जा सके। जेलेंस्की ने रूस पर शांति वार्ता में टालमटोल का आरोप लगाया है। यूक्रेन अमेरिका की सीजफायर पहल को समर्थन दे चुका है।

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रूस और यूक्रेन बीच तीन साल से चल रहे संघर्ष में स्थिति दिन प्रतिदिन और भयावह होती जा रही है। शांति वार्ता को लेकर चल रहे प्रयास भी धूमिल होते हुए दिख रहे है। ऐसे में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय नेताओं से अगले हफ्ते मुलाकात करना चाहता है ताकि रूस के साथ चल रही तीन साल की जंग को खत्म करने के प्रयासों पर चर्चा की जा सके। इस दौरान जेलेंस्की ने रूस पर आरोप लगाया कि वह शांति वार्ता में कोई गंभीर पहल नहीं कर रहा, बल्कि अब भी यूक्रेन के आम इलाकों पर हवाई हमले कर रहा है।
यूक्रेन राष्ट्रपति कार्यालय प्रमुख आंद्रेई यरमाक ने न्यूयॉर्क में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य है कि वॉशिंगटन समिट में बनी सहमति को लागू किया जाए और कूटनीति को आगे बढ़ाया जाए। यरमाक ने बताया कि पुतिन इस महीने अलास्का में ट्रंप से मुलाकात के बाद भी शांति वार्ता में रुचि नहीं दिखा रहे। उन्होंने कहा कि रूस युद्ध रोकने के लिए जरूरी किसी भी कदम को नहीं मान रहा और जानबूझकर स्थिति को लटकाए रख रहा है।
कई देशों में चल रही हैं बातचीत की कोशिशें
जेलेंस्की ने कहा कि अगले हफ्ते यूरोपीय नेताओं के साथ कई मुलाकातें अलग-अलग जगहों पर होंगी। यूक्रेन ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और जेलेंस्की-पुतिन बैठक के लिए तैयार है, लेकिन रूस ने कुछ आपत्तियां जताई हैं। बता दें कि यूक्रेन ने अब तक कतर, सऊदी अरब, तुर्की, यूएई, स्विट्जरलैंड और अमेरिका में शांति वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश की है।
ट्रंप ने भी पुतिन से जताई नाराजगी
इस मामले में इससे पहले ट्रंप ने भी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर नाराजगी जताई है। उन्होंने हाल ही में कहा कि अगर सीधे वार्ता की कोई योजना नहीं बनी, तो वे दो हफ्तों में आगे की रणनीति तय करेंगे। हालांकि, उन्होंने यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई पर भी चिंता जताई है। बता दें कि बीते सप्ताह रूस के बड़े हमले में 23 यूक्रेनी नागरिक मारे गए। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने इसकी सार्वजनिक निंदा नहीं की। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने कहा कि यूक्रेन ने भी रूसी ऑयल रिफाइनरियों पर हमले किए हैं।