लखनऊ | राजधानी के मोहनलालगंज क्षेत्र के मस्तेमऊ के मजरा मिर्जापुर में अतिक्रमण हटाने के दौरान एक किसान को थप्पड़ मारने की घटना ने प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नायब तहसीलदार रत्नेश कुमार और लेखपाल सुभाष कौशल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के प्रयास, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।![]()
👨🌾 थप्पड़ से बेहोश हुआ किसान, कान से निकला खून सोमवार को नगर निगम की टीम जब मिर्जापुर में अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो नायब तहसीलदार ने गांव के किसान राममिलन को थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ इतना जोरदार था कि राममिलन मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े और उनके कान से खून बहने लगा। घटना के बाद अधिकारी मौके से चले गए, जबकि ग्रामीणों ने घायल किसान को अस्पताल पहुंचाया।
📢 किसानों का छह घंटे का प्रदर्शन मंगलवार को राममिलन अपनी पत्नी माया देवी और अन्य परिजनों के साथ थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय कल्याण मंच के अध्यक्ष अनोद कुमार रावत की अगुवाई में किसानों ने एसीपी गोसाईंगंज कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की।
📝 देर रात दर्ज हुआ मुकदमा किसान की पत्नी माया देवी की तहरीर पर सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने देर रात नायब तहसीलदार रत्नेश कुमार और लेखपाल सुभाष कौशल के खिलाफ केस दर्ज किया। डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी