चंडीगढ़/पंचकूला | शिमला के संजौली निवासी 25 वर्षीय रमेश का शव मनीमाजरा स्थित मोटर मार्केट के पास झाड़ियों में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। रमेश कबाड़ बेचने के सिलसिले में अक्सर चंडीगढ़ आता था। 25 अगस्त को वह गाड़ी ठीक करवाने के लिए मैकेनिक के पास गया था, लेकिन अगले दिन से उसका कोई संपर्क नहीं हुआ। 28 अगस्त को उसका शव बरामद हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

🧵 सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस, दो घंटे तक पड़ा रहा शव शव मिलने की सूचना पर चंडीगढ़ और पंचकूला पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन सीमा विवाद के चलते कार्रवाई टलती रही। रात करीब 10 बजे तय हुआ कि मामला पंचकूला का है, जिसके बाद पंचकूला एमडीसी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सेक्टर-6 के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
🧪 ओवरडोज से मौत की आशंका, मौके से मिलीं सीरिंज पंचकूला की डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि युवक की मौत नशे के ओवरडोज से होने की आशंका है। घटनास्थल से सीरिंज बरामद हुई हैं। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा होगा।
📱 मोबाइल से मिले सुराग, कॉल डिटेल्स खंगाल रही पुलिस रमेश की जेब से मोबाइल बरामद हुआ है। पुलिस उसकी कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। 26 अगस्त को उसकी आखिरी बातचीत बड़ी बहन डॉली से रात 8 बजे के करीब हुई थी। इसके बाद उसका फोन बजता रहा लेकिन किसी ने रिसीव नहीं किया।
👥 मन्नू और चक्सू से होगी पूछताछ मृतक के जानकार मन्नू और चक्सू पहले से ही चंडीगढ़ में मौजूद थे। पुलिस अब उनसे पूछताछ करेगी कि रमेश झाड़ियों में कैसे पहुंचा और उसकी हालत बिगड़ने पर उन्होंने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी। मन्नू के दोस्त सूरज ने रमेश के भांजे को फोन कर बताया था कि रमेश की नाक से खून बह रहा है और वह झाड़ियों में पड़ा है।
💸 गाड़ी मालिक से मिले थे ₹20–22 हजार, पैसे कहां गए? परिजनों ने बताया कि रमेश को गाड़ी मालिक ने ₹20–22 हजार दिए थे। यह रकम कहां गई या किस पर खर्च हुई, इसकी भी जांच की जा रही है।
🚨 परिजनों का आरोप: पुलिस ने नहीं की मदद परिजनों का कहना है कि उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि रमेश की नाक से खून बह रहा है। वे खुद मनीमाजरा थाने पहुंचे लेकिन कोई पुलिसकर्मी मदद को नहीं आया। उन्हें लोगों से पूछते-पूछते शव तक पहुंचना पड़ा। उनका आरोप है कि पुलिस ने न तो डीडीआर दर्ज की और न ही जीरो एफआईआर।