मेदवेदेव के करियर में यह पहली बार नहीं है जब उनका गुस्सा कोर्ट पर सुर्खियां बना हो। पूर्व नंबर-एक खिलाड़ी होने के बावजूद उनकी छवि कई बार अनुशासनहीनता और विवादित बर्ताव के कारण सवालों के घेरे में रही है।

विस्तार
रूस के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी और पूर्व विश्व नंबर-एक दानिल मेदवेदेव अमेरिकी ओपन 2025 के पहले दौर में हार के साथ ही विवादों में घिर गए। मैच के दौरान कोर्ट पर खेल भावना के विपरीत आचरण और गुस्से में रैकेट तोड़ने के कारण उन पर भारी जुर्माना लगाया गया है। टूर्नामेंट रैफरी जैक गार्नर ने मेदवेदेव पर कुल 42,500 डॉलर (35.7 लाख रुपये) का दंड ठोका, जो उनकी मैच फीस 1,10,000 डॉलर का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।
गुस्से की वजह: कोर्ट पर फोटोग्राफर की मौजूदगी
घटना उस समय हुई जब मेदवेदेव अपने प्रतिद्वंद्वी फ्रांस के खिलाड़ी बेंजामिन बोंजी के खिलाफ तीसरे सेट में खेल रहे थे। बोंजी 5-4 की बढ़त पर थे तभी अचानक एक फोटोग्राफर कोर्ट के किनारे पर चलने लगा, जिससे मेदवेदेव का ध्यान भटक गया। मेदवेदेव ने तुरंत चेयर अंपायर ग्रेग एलेंसवर्थ से शिकायत की, लेकिन अंपायर ने फोटोग्राफर को हटाने के बाद बोंजी को फिर से पहली सर्विस की अनुमति दे दी। इसी फैसले से मेदवेदेव भड़क उठे और उन्होंने कोर्ट पर अपना गुस्सा जाहिर किया।
घटना उस समय हुई जब मेदवेदेव अपने प्रतिद्वंद्वी फ्रांस के खिलाड़ी बेंजामिन बोंजी के खिलाफ तीसरे सेट में खेल रहे थे। बोंजी 5-4 की बढ़त पर थे तभी अचानक एक फोटोग्राफर कोर्ट के किनारे पर चलने लगा, जिससे मेदवेदेव का ध्यान भटक गया। मेदवेदेव ने तुरंत चेयर अंपायर ग्रेग एलेंसवर्थ से शिकायत की, लेकिन अंपायर ने फोटोग्राफर को हटाने के बाद बोंजी को फिर से पहली सर्विस की अनुमति दे दी। इसी फैसले से मेदवेदेव भड़क उठे और उन्होंने कोर्ट पर अपना गुस्सा जाहिर किया।
फोटोग्राफर की मान्यता रद्द
इस घटना के बाद चेयर अंपायर ने फोटोग्राफर को बाहर जाने का आदेश दिया और उसकी मान्यता भी रद्द कर दी गई। बावजूद इसके, मेदवेदेव का गुस्सा कम नहीं हुआ और उन्होंने मैच खत्म होने के बाद अपना रैकेट तोड़कर नाराजगी जाहिर की।
इस घटना के बाद चेयर अंपायर ने फोटोग्राफर को बाहर जाने का आदेश दिया और उसकी मान्यता भी रद्द कर दी गई। बावजूद इसके, मेदवेदेव का गुस्सा कम नहीं हुआ और उन्होंने मैच खत्म होने के बाद अपना रैकेट तोड़कर नाराजगी जाहिर की।
जुर्माने का ब्योरा
टूर्नामेंट रैफरी ने मेदवेदेव के खिलाफ दो अलग-अलग उल्लंघन दर्ज किए। 30,000 डॉलर खेल भावना के विपरीत आचरण पर और 12,500 डॉलर रैकेट तोड़ने की हरकत पर। इस तरह कुल मिलाकर उन पर 42,500 डॉलर का जुर्माना लगाया गया।
टूर्नामेंट रैफरी ने मेदवेदेव के खिलाफ दो अलग-अलग उल्लंघन दर्ज किए। 30,000 डॉलर खेल भावना के विपरीत आचरण पर और 12,500 डॉलर रैकेट तोड़ने की हरकत पर। इस तरह कुल मिलाकर उन पर 42,500 डॉलर का जुर्माना लगाया गया।
करियर पर असर और विवादों की बढ़ोतरी
मेदवेदेव के करियर में यह पहली बार नहीं है जब उनका गुस्सा कोर्ट पर सुर्खियां बना हो। पूर्व नंबर-एक खिलाड़ी होने के बावजूद उनकी छवि कई बार अनुशासनहीनता और विवादित बर्ताव के कारण सवालों के घेरे में रही है। इस घटना ने एक बार फिर उनके खेल आचरण को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
मेदवेदेव के करियर में यह पहली बार नहीं है जब उनका गुस्सा कोर्ट पर सुर्खियां बना हो। पूर्व नंबर-एक खिलाड़ी होने के बावजूद उनकी छवि कई बार अनुशासनहीनता और विवादित बर्ताव के कारण सवालों के घेरे में रही है। इस घटना ने एक बार फिर उनके खेल आचरण को कटघरे में खड़ा कर दिया है।