कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश – पिपरी कोतवाली क्षेत्र के कसेंदा गांव में सोमवार रात एक 14 वर्षीय छात्रा अलसमा ने आत्महत्या कर ली। वह गांव के गणेशदीन इंटर कॉलेज में कक्षा दसवीं की छात्रा थी और लंबे समय से ऑनलाइन पढ़ाई के लिए एंड्रायड मोबाइल फोन की मांग कर रही थी। पिता चांद बाबू, जो फल का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, आर्थिक तंगी के कारण यह मांग पूरी नहीं कर सके।
📍 घटना का विवरण:
सोमवार शाम अलसमा ने मोबाइल की मांग को लेकर ज़िद की, जिस पर पिता ने डांट दिया। रात में वह चुपचाप अपने कमरे में चली गई और प्लास्टिक के पट्टे से छत के चुल्ले में फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह जब परिवार वालों ने देखा तो घर में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
🧠 मानसिक दबाव और सामाजिक संकेत:
पोस्टमॉर्टम से पहले मृतका के हाथ-पांव पर काले निशान और सिर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि फंदे पर लटकने के दौरान दीवार से टकराने से चोटें आई होंगी। यह घटना पूरे गांव को गमगीन कर गई है। सहेलियों ने बताया कि अलसमा पढ़ाई में तेज और स्वभाव से बेहद मिलनसार थी।
👨👩👧 पारिवारिक स्थिति:
पिता ने बताया कि उन्होंने बच्चों की परवरिश में कोई कमी नहीं रखी। बड़े बेटे सद्दाम अब दुकान में काम करता है और बेटी जोया की शादी भी अच्छे से की गई। अलसमा को मोबाइल देने का इरादा था, लेकिन हालात ने साथ नहीं दिया।
📢 समाज के लिए संदेश:
आज के दौर में मोबाइल, सोशल मीडिया और डिजिटल शिक्षा बच्चों की ज़रूरत बन चुके हैं, लेकिन इसके साथ ही भावनात्मक समझ और संवाद भी उतना ही ज़रूरी है। बच्चों की मानसिक स्थिति को समझना, उनसे खुलकर बात करना और उन्हें भावनात्मक सहारा देना हर अभिभावक और शिक्षक की जिम्मेदारी है।