अमेरिकी टैरिफ बढ़ने से भारत के सामने तात्कालिक चुनौती है। हालांकि भारत का मानना है कि वैकल्पिक बाजारों तक अपनी पहुंच से वह इस स्थिति से उबर सकती है। इसके अलावा, यह भी भरोसा है कि जल्द ही दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता हो जाएगा। जिससे ये मुश्किलें हल हो जाएंगी।
भारत और अमेरिका के रिश्ते टैरिफ के मुद्दे पर बीते कुछ समय से तनाव में हैं। दरअसल, अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50% कस्टम ड्यूटी लगाने का फैसला किया है, जिसमें से 25% शुल्क 7 अगस्त से ही लागू था, वहीं बचा हुआ 25 % शुल्क आज रात से लागू होगा। ट्रंप के इस एलान के बाद से ही दोनों देशों के संबंधों में कुछ दूरियां आ गई हैं। बावजूद इसके भारत को अभी भी भरोसा है कि जल्द ही इन स्थितियों में सुधार होगा। भारत के पूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने ट्रंप टैरिफ लागू होने के बीच दोनों देशों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने वर्जीनिया में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि यह स्थिति अस्थायी है और दोनों देश जल्द ही व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाया गया 50% टैरिफ चिंता का कारण जरूर है, लेकिन इससे दोनों देशों के रिश्तों की बुनियाद कमजोर नहीं होगी।
50% ड्यूटी लागू, निर्यात पर असर की आशंका
वर्जीनिया के रेस्टन में बोलते हुए पूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि आज आधी रात से, भारत से अमेरिका में निर्यात होने वाले सामानों पर 50% सीमा शुल्क लगने लगेगा। उन्होंने कहा कि हम इसके प्रभाव को कम करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि भारत इसके विकल्प तैयार कर रहा है। इस क्रम में भारत ने ऑस्ट्रेलिया, यूएई और ब्रिटेन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर समझौते किए हैं और यूरोपीय संघ के साथ समझौता भी लगभग अंतिम चरण में है। इसका मतलब है कि हम अपने निर्यात को इन बाजारों तक पहुंचा सकते हैं।
अमेरिका से रिश्तों पर असर नहीं
इस दौरान पूर्व विदेश सचिव ने भारत-अमेरिकी संबंधों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों में गहराई पर जोर देते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। अमेरिका के साथ हमारे सबसे व्यापक और बहुआयामी संबंध हैं, जो किसी भी अन्य देश से कहीं ज़्यादा मज़बूत हैं। इस रिश्ते की मज़बूती हमारे साझा मूल्य और सिद्धांत हैं, जो हमें इस रिश्ते में आने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव से उबारेंगे। उन्होंने भारत में अगले अमेरिकी राजदूत के रूप में सर्जियो गोर की नियुक्ति को सकारात्मक कदम करार दिया। श्रृंगला ने कहा कि यह दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक ऊर्जा लाएगा।
पीएम मोदी और ट्रंप के बीच बहुत करीबी साझेदारी
इस दौरान पूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि एक बात जो मैं जानता हूं वो ये है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बहुत करीबी और विशेष साझेदारी है। कई बैठकों में ये साफ दिखा है। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर मैं खुद मौजूद रहा हूं। ये जुड़ाव आज से नहीं आया है। ये राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल से आया है जब हाउडी मोदी और नमस्ते ट्रंप जैसे कार्यक्रम हुए थे।
ट्रंप की भारत यात्रा को लेकर भी उम्मीद जताई
आगे उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर काम जारी है। मुझे उम्मीद है कि हम देर से नहीं बल्कि जल्द ही अमेरिका के साथ एक संतोषजनक और पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौता करने के तरीके खोज लेंगे। इस दौरान उन्होंने तनाव खत्म होने के बाद ट्रंप की भारत यात्रा को लेकर भी उम्मीद जताई।