बांदा पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते, पासबुक और एटीएम कार्ड हासिल करता था और फिर इन्हीं खातों का इस्तेमाल ठगी से कमाए गए पैसों को ट्रांसफर करने में करता था।
गोवा से ऑपरेट होता था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मास्टरमाइंड आकाश उर्फ रजनीश कुमार द्विवेदी रायपुर (छत्तीसगढ़) का रहने वाला है। वह बांदा, चित्रकूट, एमपी और छत्तीसगढ़ में अपने एजेंट नियुक्त करता था। एजेंट लोगों को 10–15 हजार रुपये का लालच देकर उनके बैंक अकाउंट और डाक्यूमेंट ले लेते थे। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन बेटिंग और साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने में किया जाता था।
स्थानीय एजेंट गिरफ्तार
गिरोह से जुड़े चित्रकूट के तीन लोगों — दीपक कुमार, कृष्ण कुमार कुशवाहा और राजकुमार सोनकर — को बांदा से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके पास से चेकबुक, पासबुक, आधार कार्ड, तीन मोबाइल और 16 चूड़ियां बरामद कीं। जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों के खातों को पहले ही विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर अपराध मामलों के चलते फ्रीज किया जा चुका है।
सरगना की तलाश जारी
एएसपी शिवराज ने बताया कि गिरोह का सरगना आकाश अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें सक्रिय रूप से दबिश दे रही हैं।