बाराबंकी में बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री साझा करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। असंद्रा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला पर आरोप है कि वह अपने पति को मैसेजर के जरिए नाबालिगों के आपत्तिजनक वीडियो भेजती थी।
👉 कैसे हुआ खुलासा
गुमशुदा एवं शोषित बच्चों के लिए काम करने वाली अमेरिकी संस्था एनसीएमईसी की टिपलाइन रिपोर्ट के आधार पर साइबर सेल सक्रिय हुई। जांच में सामने आया कि एक युवक के नाम से जारी सिम के माध्यम से यह सामग्री अपलोड और शेयर की जा रही थी। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह सिम उसकी विवाहित बहन पिछले सात साल से इस्तेमाल कर रही है।
👉 पुलिस कार्रवाई
जब पुलिस ने महिला से संपर्क किया तो उसने स्वीकार किया कि वीडियो उसने ही अपने पति को भेजे थे। इंस्पेक्टर विनय प्रकाश राय की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। फिलहाल महिला को कड़ी चेतावनी देकर आपत्तिजनक सामग्री हटवा दी गई है।
👉 राज्यभर में चार केस
जांच में यह भी पता चला कि जनवरी से जुलाई 2025 के बीच एनसीएमईसी द्वारा यूपी से जुड़े ऐसे चार वीडियो गृह मंत्रालय को भेजे गए थे। इनमें से तीन मामलों में पुलिस आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। हैदरगढ़ का मामला सबसे गंभीर रहा, जहां एक युवती अपने ड्राइव और इंस्टाग्राम पर छोटे बच्चे का अश्लील कंटेंट शेयर करती पाई गई।
👉 कानून क्या कहता है
18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से जुड़ी यौन सामग्री को डाउनलोड करना, सहेजना या साझा करना अपराध की श्रेणी में आता है। प्रभारी विनय प्रकाश राय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कंटेंट देखने या आगे भेजने वालों पर भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
👉 एनसीएमईसी का रोल
यह संस्था अमेरिका में बच्चों की गुमशुदगी और यौन शोषण से जुड़े मामलों पर काम करती है और विश्व स्तर पर प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। भारत में इसका सहयोग नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) करता है।