गाजियाबाद में यातायात पुलिसकर्मी विपिन कुमार की मौत ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। 22 अगस्त को विजयनगर क्षेत्र में 130 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही कार ने उन्हें कुचल दिया। जांच में पता चला कि वाहन चला रहा आरोपी विनीत मधुबन बापूधाम थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ मारपीट और चोरी समेत आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
हादसे के समय कार में उसका भाई सुमित भी मौजूद था। पुलिस को शक है कि दोनों शराब के नशे में थे। टक्कर इतनी भयंकर थी कि विपिन करीब 50 मीटर दूर जाकर गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रविवार तड़के उन्होंने दम तोड़ दिया।
विपिन कुमार (32) वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे। पहले PAC में तैनाती रही और बाद में उन्हें ट्रैफिक पुलिस में भेजा गया। उनकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं। परिवार का कहना है कि यह कोई साधारण हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश थी।
शहीद सिपाही को पुलिस लाइन में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान गमगीन माहौल में पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों ने उन्हें सलामी दी।
मां कमलेश देवी ने भावुक होकर बताया—“बेटा सुबह कह रहा था, मां आज दिल घबरा रहा है। काश, मैं उसे रोक लेती तो आज मेरा लाला जिंदा होता।”