राजस्थान में साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। श्रीगंगानगर साइबर पुलिस ने एक करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
ट्रेडिंग ग्रुप से शुरू हुई धोखाधड़ी
पीड़ित ने 16 अगस्त को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 10 अगस्त को उसने एक व्हाट्सएप ग्रुप जॉइन किया, जिसमें शेयर ट्रेडिंग से जुड़े टिप्स दिए जाते थे। वहीं से उसे “shoona XHNI Apps” नामक एप डाउनलोड करने का लिंक मिला, जिसे IPO निवेश के लिए जरूरी बताया गया। भरोसा करके पीड़ित ने 10 जून से 8 अगस्त के बीच अलग-अलग खातों में 1.11 करोड़ रुपये जमा करा दिए। बाद में यह पूरा नेटवर्क फर्जी निकला।
दिल्ली से गिरफ्तार आरोपी
सीआई रमेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना पर दिल्ली में छापेमारी की और दो आरोपियों को पकड़ा।
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संजू कुमार शाह (28 वर्ष) – नेपाल का निवासी, जिसके खाते में 45 दिन में 4 करोड़ रुपये का लेन-देन मिला। सात राज्यों में उसके खिलाफ 12 मामले दर्ज हैं।
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बिपिन कुमार मंडल (28 वर्ष) – मूल निवासी नेपाल, जो फिलहाल अंबाला (हरियाणा) में रह रहा था।
फर्जी कंपनी के जरिए लेन-देन
जांच में सामने आया कि बिपिन ने गिरोह के साथ मिलकर “स्किल्ड फोर्स कंस्ट्रक्शन एंड मैनपावर प्राइवेट लिमिटेड” नाम से फर्जी कंपनी रजिस्टर कराई थी। इसी कंपनी के करंट अकाउंट से ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह से जुड़े बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।