परिजनों का कहना है कि सुशील सिंह की छवि खराब कर उन्हें माफिया और नशा कारोबारी के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि उनका राजनीतिक करियर खत्म हो जाए। उनका आरोप है कि पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय साजिश का हिस्सा बनी हुई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिस जगह से नशीला पदार्थ (एमडी) बरामद करने का दावा किया जा रहा है, वहां कुछ दिन पहले ही जलभराव की समस्या के कारण प्रधान ने जेसीबी से मिट्टी डलवाई थी। ऐसे में वहां से मादक पदार्थ मिलने का दावा संदेहास्पद है।
गोलीकांड को लेकर भी सफाई
परिवार ने कहा कि 21 जुलाई को रजिस्ट्री कार्यालय में बाहरी लोगों ने ब्लॉक प्रमुख पर हमला किया था, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में गोली चलाई गई। उनका दावा है कि लगातार परिवार और समर्थकों को प्रताड़ित किया गया, लेकिन असली हमलावरों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सीएम योगी और न्यायपालिका से उम्मीद
बबीता सिंह का कहना है कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है। न्याय की उम्मीद अब सिर्फ अदालत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से है। उन्होंने जल्द ही सीएम से मुलाकात कर घटना की निष्पक्ष जांच और सीबीआई जांच की मांग करने की बात कही है।

