Himachal Rain: भारी बारिश से राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त, 628 सड़कें बाधित, स्कूल बंद इतने दिन बरसेंगे बादल

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माैसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच  रात से भारी बारिश दर्ज की गई है। बारिश से जगह-जगह भूस्खलन व अचानक बाढ़ की घटनाएं सामने आई हैं।

Himachal Weather forecast:  Heavy rains have disrupted life in the state, 628 roads are closed, schools are cl

हिमाचल प्रदेश में माैसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के रात से बारिश हो रही है। बारिश से जगह-जगह भूस्खलन व अचानक बाढ़ की घटनाएं सामने आई हैं। जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, ऊना, चंबा जिले सहित कुल्लू और मनाली में सभी शैक्षणिक संस्थान आज बंद रखे गए हैं। लाहौल-स्पीति के केलांग और उदयपुर उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थान भी आज बंद हैं। राज्य में सोमवार सुबह 10:00 बजे तक तीन नेशनल हाईवे सहित 628 सड़कें बंद रहीं। इसके अतिरिक्त 1533 बिजली ट्रांसफार्मर व 168 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। मंडी, कुल्लू व चंबा जिले में सबसे अधिक सड़कें प्रभावित हैं। राजधानी शिमला में भी रात से बारिश रुक-रुक कर जारी है। टूटीकंडी स्थित पांजड़ी में भूस्खलन से बहुमंजिला भवन खतरे की जद में आ गया है।

भूस्खलन से चंबा जिले में 54 सड़कें बाधित
बारिश के कारण भरमौर-पठानकोट हाइवे समेत 54 मार्ग बाधित हैं। 409 ट्रांसफार्मर बंद होने से लोगों ने अंधेरे में ही रात गुजारी। अल सुबह भी जगह-जगह भूस्खलन होने के कारण लोगों की दुश्वारियां बढ़ी हैं। विभागीय मशीनरी बंद मार्गो को बहाल करने में जुटी हुई है। जिला के स्कूलों, आईटीआई समेत शिक्षण संस्थान बंद है। जबकि, स्कूलों तक पहुंचने में शिक्षक वर्ग को दिक्कतें पेश आई है। हालांकि, पवित्र मणिमहेश यात्रा में श्रद्धालुओं की आवाजाही सुबह से जारी है। ऊना-हमीरपुर रोड लठियाणी से लगभग चार किलोमीटर ऊपर भूस्खलन से सुबह करीब 5:00 बजे बंद हो गया। हालांकि बाद में सड़क को बहाल कर दिया गया।

राज्य में इतने दिन बरसेंगे बादल, भारी बारिश का अलर्ट 
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से आज राज्य के कई भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 26 से 31 अगस्त तक राज्य के कई भागों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। बीती रात को काहू में 190.5, जोत 159.2, बरठीं 156.4, नयना देवी 148.4, घाघस 148.0, बिलासपुर 140.8, भटियात  140.2, मालरांव 120.0, अंब 111.0, अघार 110.6, बंगाणा 104.0, रायपुर मैदान 98.2, घमरूर 95.8, भरवाईं 94.4, नादौन 94.0, स्लापड़ 90.6, मुरारी देवी 90.2, धर्मशाला 87.4, भराड़ी 85.9, कसौली 85.0, सुंदरनगर 84.2, बलद्वाड़ा 84.0, सलूणी 83.3, ऊना 80.8, सुजानपुर टिहरा 80.0, धर्मपुर 68.6, देहरागोपीपुर 68.3, चंबा 67.0, बीबीएमबी 66.0, पालमपुर 65.4 व बग्गी में 64.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मानसून में अब तक 303 लोगों की गई जान
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 24 अगस्त तक 303 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 360 लोग घायल हुए हैं। 37 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 148 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 3,556 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है।  2,766 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,833 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 2,34,862.66 लाख रुपये पहुंच गया है।

 बंगाणा क्षेत्र में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
उपमंडल बंगाणा क्षेत्र में पिछले लगभग 24 घंटों से हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। कई सड़कें बंद हैं। नदी-नाले उफान पर है खेतों में जलभराव से मक्की की फसल को नुकसान हुआ है। टकोली पंचायत के गांव दगहाड के हरनाम सिंह पुत्र गोंदू राम का रिहाइशी मकान गिर गया। बुढबार के प्रकाश चंद, जगदीश चंद, मुनीश कुमार, शेखर कुमार सहित अन्य घरों में बरसात का पानी घुसने से खतरा बना है।  वहीं एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल ने क्षेत्र वासियों को सर्तक रहने को कहा है। भारी बारिश के चलते चकसराये-अंब व चकसराये टकारला-बडूही ऊना मार्ग पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए। टकारला में नाला उफान पर है।

किरतपुर-मनाली फोरलेन फिर हुआ बंद, भूस्खलन की चपेट में आने से दो कारें क्षतिग्रस्त
बिलासपुर में हो रही भारी  बारिश आफत बनी हुई है। किरतपुर-मनाली फोरलेन को रविवार देर रात बहाल किया गया था। सोमवार सुबह समलेटू के पास भूस्खलन होने से फोरलेन फिर से बंद हो गया। पुराने चडीगढ़ मनाली हाईवे पर भी रविवार रात को फिर से भूस्खलन हुआ है।  फोरलेन पर जकातखाना में सोमवार तड़के दिल्ली से बैजनाथ जा रही एक निजी वोल्वो पर पहाड़ी से पत्थर गिर गए। हादसे में पांच लोगों को मामूली चोटें आई हैं।  बस की कुछ खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। मंडी भराड़ी चौक पर घायलों को उपचार दिया है, जिसके बाद बस गंतव्य के लिए निकल गई। बागछाल से मरोतन सड़क भी भूस्खलन से बंद हो गई। भूस्खलन की चपेट में आने से सड़क किनारे खड़ी दो गाड़ियां भी क्षतिग्रत हो गईं।  इसके अलावा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

हाईवे सहित चंडी-बढ़लग-पट्टा पर गिरा मलबा
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर सनवारा के समीप पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरे।इसके अलावा चंडी-बढ़लग-पट्टा महलोग में सड़कों भी पानी भर गया। सड़कों ने नालों का रूप धारण कर दिया। चंडी-बढलग सड़क पर डाकरा के समीप सड़क पर पानी भर जाने के कारण बंद हो गई। यहां पर पहाड़ी से मलबा आने से गाड़ी बीच में फंस गई।

भारी बारिश से हमीरपुर-ऊना नेशनल हाईवे पर भूस्खलन
हमीरपुर में लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार सुबह हमीरपुर से ऊना को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-503ए पर कैंची मोड़ में भूस्खलन हो गया।  इसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। हाईवे बंद होने के कारण यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि कैंची मोड़ क्षेत्र में अक्सर बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इस बार गिरा भूस्खलन बहुत ज्यादा हुआ है। वहीं  बिझड़ी-घोड़ी धवीरी मार्ग पर भी भूस्खलन हुआ है। महारल रोड वड़ा के पास चीड़ का एक बड़ा पेड़ गिर गया।

शुक्र खड्ड में अचानक बढ़ा जलस्तर, बीचोंबीच टापू पर फंसा प्रवासी मजदूर
उपमंडल बड़सर के अंतर्गत वाली शुक्र खड्ड के तेज बहाव में एक प्रवासी व्यक्ति फंस गया। जानकारी के अनुसार घोड़ी धबीरी क्षेत्र में प्रवासी व्यक्ति खड्ड को पार कर रहा था लेकिन अचानक पानी का स्तर बढ़ने से वह बीच में ही फंस गया। व्यक्ति का नाम नितेश कुमार जिला लखीसराय, बिहार बताया जा रहा है। बहाव बढ़ता देख मजदूर ने खड्ड बीच बने एक टापू पर शरण ले ली। किनारों से टापू की दूरी लगभग 100 मीटर बताई जा रही है। प्रशासन को सूचना मिलने ही रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।   स्थानीय समाजसेवी परमजीत ढटवालिया सबसे पहले मौके पर पहुंचे और प्रशासन के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद की। इसके अलावा एसडीम बड़सर भी माैके पर पहुंचे हैं।

 

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Author: NIMRA SALEEM

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