
उरई। किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को शुक्रवार को न्यायाधीश ने आजीवन कारावास सुनाया। उस पर एक लाख 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
कोंच कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी महिला ने तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 22 जुलाई 2024 की शाम छह बजे कांशीराम कॉलोनी निवासी मोंटू अहिरवार उसकी 12 वर्षीय भतीजी को बुलाकर आवास में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। जब वह खोजते हुए वहां पहुंची तो मोंटू भाग गया। उसकी भतीजी आवास में गुमसुम बैठी थी। उसको घर ले जाकर उससे जानकारी ली तो उसने बताया कि मोंटू उसके साथ दो तीन बार दुष्कर्म कर चुका है और किसी को न बताने के लिए पैसे भी दे चुका है।
पुलिस ने दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मोंटू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने किशोरी के न्यायालय में कलम बंद दर्ज कराए। किशोरी ने दुष्कर्म की बात कही। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। कोर्ट में चले ट्रायल के बाद शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई। इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद कमर ने मोंटू अहिरवार को दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए सजा सुनाई। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए।