चंडीगढ़ में गुमशुदगी के मामले ने हत्या का रूप ले लिया है। बापूधाम कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय राजीव गुप्ता, जो 9 अगस्त से लापता था, उसकी लाश करीब दो हफ्ते बाद पिंजौर इलाके से बरामद हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि राजीव को पहले अगवा किया गया और फिर उसकी हत्या कर शव को दफना दिया गया। पंचकुला पुलिस ने इस मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर शव को बरामद किया गया।
चंडीगढ़ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राजीव की हत्या 9 अगस्त को ही कर दी गई थी। उसकी आखिरी मोबाइल लोकेशन भी उसी दिन पिंजौर क्षेत्र में मिली थी।
प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला
सूत्रों के मुताबिक, राजीव शादीशुदा था और उसका मनीमाजरा टाउन की एक युवती से अफेयर चल रहा था। युवती अविवाहित थी। यही रिश्ता उसकी मौत का कारण बना। बताया जा रहा है कि राजीव को पहले से धमकियां मिल रही थीं।
गुमशुदगी से हत्या तक की कहानी
9 अगस्त की शाम राजीव पत्नी को छोड़ने बापूधाम गया था, लेकिन उसके बाद घर नहीं लौटा। परिवार ने पहले खुद तलाश की और फिर आईटी पार्क थाने में गुमशुदगी की शिकायत देने पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने में पुलिस ने टालमटोल की। वहीं थाना प्रभारी ऊषा रानी का कहना है कि गुमशुदगी की रिपोर्ट उसी दिन दर्ज कर ली गई थी।
अब पूरे मामले की जांच प्रेम प्रसंग और रंजिश की कड़ी से की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्या की साजिश में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।