Varanasi Latest News: वाराणसी जिले के सारनाथ थाना क्षेत्र के अरिहंतनगर फेज 2 में कॉलोनाइजर की हत्या उनकी खुद की बसाई कॉलोनी में ही की गई। बाइक से पीछा कर आए बदमाशों ने तीन राउंड फायरिंग कर महेंद्र को मौत की नींद सुला दी।

वाराणसी के सारनाथ के कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम (42 वर्ष) की उनकी ही बनाई कॉलोनी अरिहंतनगर फेज 2 में तीन गोली मारकर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। बिना नंबर वाली काले रंग की पल्सर से आए हत्यारों ने बिना रुके एक मीटर दूर से तीन राउंड फायर किया और कॉलोनी की पगडंडियों से होते हुए रिंग रोड की ओर भाग निकले। एक गोली महेंद्र की कनपटी, दूसरी गर्दन के पास लगी, तीसरी गोली बाइक पर लगी।

गोली लगते ही लहूलुहान होकर सड़क पर गिर गए महेंद्र
वह लहूलुहान होकर बाइक समेत सड़क पर गिर गए। रास्ते पर खून फैल गया। कॉलोनी के लोग आनन-फानन में पास के अस्पताल में ले गए, वहां से रेफर होने के बाद लोग सिंह मेडिकल लेकर भागे लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। लोग सारनाथ थाने पर शव रखकर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग उठाने लगे। लालपुर-पांडेयपुर, चौबेपुर, चोलापुर की फोर्स भी वहां पहुंची और करीब दो घंटे के मान मनौव्वल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम को मौके से बरामद .30 और .32 बोर के कारतूस और खून से सना चश्मा अपने साथ ले गई।

मुंह बांधे बदमाशों ने चलती बाइक से झोंकी फायरिंग
पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार की सुबह 9 बजे महेंद्र गौतम बुद्धा सिटी स्थित अपने घर से करीब डेढ़ किमी दूर प्लॉट दिखवाने के लिए सिंहपुर गांव के अरिहंतनगर कॉलोनी पहुंचे। इस कॉलोनी को उन्होंने ही प्लॉटिंग करके बसाया था। पहले से रेकी कर बदमाश भी पीछे-पीछे वहां पहुंचे। थल सेना के रिटायर्ड अधिकारी सुनील यादव के घर के बाहर बने ब्रेकर से पहले बाइक की रफ्तार कम हुई तो मुंह बांधे बदमाशों ने चलती बाइक से ही सिर्फ एक मीटर दूरी से पिस्टल से ताबड़तोड़ तीन राउंड फायर कर दिया।

महिला के चिल्लाने पर भागकर पहुंचे लोग
वारदात के दौरान सड़क से गुजर रही महिला चिल्लाकर लोगों को बुलाने लगी। वहां मौजूद लोग उन्हें अपनी गाड़ी से अस्पताल लेकर भागे। कॉलोनी से लेकर घटनास्थल तक तीन से चार थानों की पुलिस और कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत कई आईपीएस भी पहुंचे।

एसटीएफ के जवानों को घर से निकाला, बहसबाजी
एसटीएफ के दो जवान मृतक के घर पहुंचे तो वहां मौजूद एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी के साथ बहसबाजी हो गई। जैसे ही एसटीएफ ने गौतम के 15 साल के बेटे से पूछताछ शुरू की तो रिटायर्ड कर्मचारी नाराज हो गया और एसटीएफ के साथ विवाद कर बाहर जाने की बात करने लगा। घर के गेट के बाहर स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया। इस दौरान एसटीएफ के जवान ने कहा कि वे उन्हीं के केस की वजहों का पता लगाने आए हैं लेकिन यहां पर उनको सहयोग नहीं मिला। रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी ने कहा कि बच्चा डर के मारे कांप रहा था वो क्या जवाब देगा।

जांच के लिए तीन टीमें गठित
डीसीपी प्रमोद कुमार ने कहा कि घटना के खुलासे के लिए तीन टीम गठित कर दी गई है। क्षेत्र में लगे सीसी कैमरे की फुटेज को खंगाला जा रहा है। घटना स्थल से वारदात में प्रयुक्त गोली का खोखा और चश्मा लिया गया है। पिता श्यामनाथ राम ने प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
डीसीपी प्रमोद कुमार ने कहा कि घटना के खुलासे के लिए तीन टीम गठित कर दी गई है। क्षेत्र में लगे सीसी कैमरे की फुटेज को खंगाला जा रहा है। घटना स्थल से वारदात में प्रयुक्त गोली का खोखा और चश्मा लिया गया है। पिता श्यामनाथ राम ने प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पिता आरटीओ से रिटायर, पत्नी हैं अध्यापक
पिता श्यामनाथ राम आरटीओ से रिटायर हो चुके हैं। मूल रूप से ये गाजीपुर के थाना भांवरकोल स्थित कनूवान गांव के निवासी हैं। पत्नी प्रियंका गौतम चौबेपुर के अमौली में प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका हैं। बेटा नवनीत 15 वर्ष, बेटी रिद्धिमा 13 वर्ष और नवल आठ वर्ष की है।
पिता श्यामनाथ राम आरटीओ से रिटायर हो चुके हैं। मूल रूप से ये गाजीपुर के थाना भांवरकोल स्थित कनूवान गांव के निवासी हैं। पत्नी प्रियंका गौतम चौबेपुर के अमौली में प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका हैं। बेटा नवनीत 15 वर्ष, बेटी रिद्धिमा 13 वर्ष और नवल आठ वर्ष की है।