Alwar News: अलवर पुलिस ने 40 लाख रुपये कीमत के 123 गुमशुदा मोबाइल लौटाए गए, मालिकों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

Picture of Shikha Bhardwaj

Shikha Bhardwaj

SHARE:

चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत पति-पत्नी पर करोड़ों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ितों का आरोप है कि इस दंपती ने लगभग 25 लोगों से मिलाकर एक करोड़ रुपये तक वसूले। अब तक 15 लोग पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवा चुके हैं, जबकि कई लोग नोकरी पर असर और बदनामी के डर से सामने नहीं आ रहे।अलवर पुलिस ने 40 लाख से ज्यादा कीमत के 143 मोबाइल बरामद कर परिवादियों को  लौटाए - lost mobile recovered

कब और कैसे शुरू हुई ठगी

मामला साल 2018 से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। दोनों आरोपी फिलहाल पीसीआर ड्यूटी पर तैनात हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई बार आवेदन देने के बावजूद विभाग ने अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया।

मीना कुमारी की कहानी

बलटाना स्थित हरमिलाप नगर की रहने वाली मीना कुमारी ने बताया कि उनकी पहचान महिला सिपाही से 2021 में एक दुकान पर हुई। शुरुआती दौर में भरोसा दिलाने के लिए दंपती ने उधार ली रकम वापस कर दी। इसके बाद लाखों रुपये उधार लिए, लेकिन चेक देकर धोखा किया। मीना का कहना है कि आरोपी बार-बार पैसे लौटाने से इंकार कर देते हैं।

अन्य पीड़ितों के बयान

कैंबवाला निवासी राम रत्न ने बताया कि दंपती ने 2023 में उनसे 3.30 लाख रुपये लिए और रकम मांगने पर उन पर ही शिकायत दर्ज करवा दी। इसके अलावा, एक महिला एएसआई से लगभग 5 लाख और सेवानिवृत्त फौजी की पत्नी सुनीता से करीब 20 लाख रुपये ठगे जाने की बात सामने आई है। सुनीता का कहना है कि उन्हें भी बाउंस चेक थमाया गया।

पुलिसकर्मियों को ही बनाया निशाना

पीड़ितों के अनुसार आरोपी दंपती अक्सर पैसे लेने के लिए बहाने बनाते – कभी पेट्रोल पंप की किस्त, कभी बच्ची का इलाज, तो कभी बैंक लोन चुकाने की मजबूरी। अधिकतर मामलों में उन्होंने पुलिसकर्मियों को ही जाल में फंसाया।

शिकायत आईजी तक पहुँची

पीड़ितों ने आईजी को आवेदन देकर मांग की है कि आरोपियों पर FIR दर्ज कर कार्रवाई की जाए।

एसएसपी का बयान

एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। पुराने मामलों की जांच भी करवाई जाएगी। अगर आरोप सही पाए गए तो विभागीय और कानूनी दोनों तरह की कार्रवाई होगी।

Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj

सबसे ज्यादा पड़ गई

आरोप है कि करीब 45 मिनट बाद फैक्टरी के कुछ वर्कर, जिनका नेतृत्व वर्क हाउस मैनेजर पारस कर रहा था, ने आयकर टीम पर हमला बोल दिया। टीम के सदस्य जब अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों में बैठे तो आरोपियों ने उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। टीम की अर्टिगा गाड़ी पर भारी पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए। हमले में ड्राइवर जगदीप को गंभीर चोटें आई हैं। एक अन्य हुंडई वर्ना गाड़ी के हैंडल तोड़ दिए और ड्राइवर के साथ हाथापाई कर उसके कपड़े फाड़ दिए। सरकारी दस्तावेज और मुहर फैक्ट्री में छूटे टीम के अनुसार, हमले के दौरान टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान आयकर अधिकारी अमरजीत की कुछ किताबें, आधिकारिक मुहर और मोबाइल चार्जर फैक्टरी परिसर में ही छूट गए। मौके पर मौजूद एएसआई तेजपाल ने किसी तरह टीम को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद जॉइंट कमिश्नर शक्ति सिंह भी मौके पर पहुंचे।