चंडीगढ़ पुलिस विभाग में तैनात एक सिपाही दंपती पर करोड़ों की ठगी का आरोप लगा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि दंपती ने करीब 25 लोगों से लगभग एक करोड़ रुपये हड़पे। अब तक 15 पीड़ित सामने आ चुके हैं, जबकि कई लोग नौकरी खोने और बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं करा रहे। पीड़ितों में पुलिसकर्मी, सेवानिवृत्त फौजी की पत्नी और कुछ दुकानदार शामिल हैं।
2018 से चल रहा है खेल
पीड़ितों के मुताबिक ठगी का यह सिलसिला साल 2018 से चल रहा है। आरोपियों की ड्यूटी पीसीआर यूनिट में है। शिकायत के बावजूद अभी तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मीना कुमारी का आरोप
बलटाना निवासी मीना कुमारी ने बताया कि उनकी पहचान महिला सिपाही से 2021 में हुई थी। भरोसा जीतने के लिए शुरू में दंपती ने उधार ली रकम वापस कर दी, लेकिन बाद में लाखों रुपये लेकर चेक थमा दिए जो बाउंस हो गए। मीना का कहना है कि बार-बार पैसे मांगने पर आरोपी साफ इंकार कर देते हैं।
अन्य पीड़ित भी आए आगे
कैंबवाला के राम रत्न ने आरोप लगाया कि दंपती ने 2023 में उनसे 3.30 लाख रुपये लिए और वापस मांगने पर उल्टा उनके खिलाफ डीएसपी को शिकायत कर दी। एक महिला एएसआई से 5 लाख और सेवानिवृत्त फौजी की पत्नी सुनीता से 20 लाख रुपये लेने का भी आरोप है। सुनीता का कहना है कि दिए गए चेक भी बाउंस हो गए।
पुलिसकर्मियों को बनाया निशाना
पीड़ितों ने बताया कि दंपती बहाने बनाकर पैसे मांगते थे – कभी पेट्रोल पंप की किस्त, कभी बच्ची की बीमारी और कभी घर का बैंक लोन। ज्यादातर शिकार पुलिस विभाग के कर्मचारी ही बने।
आईजी को दी गई शिकायत
पीड़ितों ने आईजी को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और विभागीय जांच की मांग की है।
एसएसपी का बयान
एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि सभी शिकायतों की जांच की जाएगी। पुराने मामलों की भी जांच होगी और अगर आरोप सही पाए गए तो कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।