
साहा। साहा और मुलाना के छह गांवों में बेगना नदी के पानी ने मार की है। यह गांव नदी के समीप पड़ते हैं। यहां पर खेतों में फसलें डूबी हुई हैं, वहीं नदी का पानी खेतों से ओवरफ्लो होते हुए पंचकूला यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 344 के फ्लाईओवर के नीचे अभी तक बह रहा है। हालांकि राजमार्ग पर फ्लाईओवर के के ऊपर से यातायात सुचारू है। साहा और मुलाना में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। नदी के पानी को निकलने का रास्ता भी नहीं मिल रहा है। यही कारण से कि गांव में पानी खेतों में भर गया है, वहीं अब ग्रामीणों काे डर सता रहा है कि कहीं पेयजल दूषित न हो जाए, इसके साथ ही साहा गांव की गलियों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसी प्रकार अंबाला से साहा को जाने वाले मार्ग पर भी सड़क के दोनों तरफ काफी जलभराव है, जिसमें फुटपाथ पूरी तरह से डूब गया है।
छात्राओं को गंदे पानी के बीच लगाना पड़ा स्कूल
राजकीय कन्या विद्यालय साहा में मंगलवार को स्कूल के शिक्षक जैसे ही पहुंचे ताे पूरा कैंपस उन्हें पानी से लबालब मिला, इसके कारण कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों की उन्हें छुट्टी करनी पड़ी। बड़ी कक्षाओं की छात्राओं को गंदे पानी के बीच से हाेकर कक्षा कक्ष तक पहुंचने को मजबूर होना पड़ा। विद्यालय के प्रभारी आनंद कुमार ने बताया कि स्कूल में गंदे नाले का पानी भर जाने से छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नाले का गंदा पानी स्कूल के मुख्य द्वार और परिसर में घुस गया, जिसके कारण कक्षाओं तक पहुंचना मुश्किल हो गया। उन्हें भी इसी गंदे पानी के बीच से होकर स्कूल खोलना पड़ा। गंदे पानी के जमाव से बदबू फैल गई है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। अभिभावकों ने भी चिंता जताते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द नाले की सफाई और उचित निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है।
जेसीबी खेत में डूबी, फसलें भी जलमग्न
मुलाना के गांव गोला में लिंक मार्गों से काफी हद तक पानी हट गया है, मगर यहां खेतों में पानी अभी भी भरा हुआ दिखाई दिया। इस कारण से धान, गन्ना और चारे की फसल पर अधिक प्रभाव पड़ा है। यहां पर एक लिंक मार्ग पर पुलिया का निर्माण चल रहा था, जिसमें खोदाई के लिए जेसीबी मशीन लाई गई थी। मगर सोमवार को खेत में ही जेसीबी फंस गई और पूरी डूब गई। अब मशीन का ऊपरी हिस्सा ही दिखाई दे रहा है। निर्माण कर रहे मजदूराें का कहना था कि खेत में पानी कम होने पर ही मशीन निकाली जा सकेगी। इसमें काफी नुकसान हुआ है। इसके साथ ही लिंक मार्गों के पास के खेत पूरी तरह से बाढ़ जैसे हालात की चपेट में हैं।
साहा की गलियों में पानी, ओवरफ्लो होकर एनएच पर पहुंच रहा
बेगना नदी के करीब साहा ग्राम पंचायत नदी के पानी की मार से सबसे अधिक प्रभावित हुई है। गांव के अधिकांश खेतों में जलभराव के कारण उनकी फसलों में नुकसान हुआ है। धान गलने के कगार पर है। गांव की अधिकांश गलियों में घुटनों तक पानी भरा हुआ है। लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। यहां मुख्य मार्ग पर भी कुछ जगहों पर जलभराव है, जिसमें से लोग जद्दोजहद कर निकल रहे हैं। इसी प्रकार गांव का पानी खेतों से होता हुआ लिंक मार्ग पर बहते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच रहा है।