अंतिम फैसला लेते समय चयनकर्ताओं ने युवा और भविष्य की कप्तानी को ध्यान में रखकर गिल को तरजीह दी।

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एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टी20 टीम की घोषणा के बाद सबसे ज्यादा चर्चा शुभमन गिल की उपकप्तानी को लेकर हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिल शुरुआत में चयनकर्ताओं की पहली पसंद नहीं थे, लेकिन अंतिम चरण में मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बैठक के दौरान गिल के नाम पर जोरदार समर्थन दिया और इसी वजह से यह फैसला सामने आया।
गिल क्यों नहीं थे पहली पसंद?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चयन समिति जब टीम पर चर्चा कर रही थी तो उपकप्तान के लिए शुरुआती विकल्पों में अक्षर पटेल का नाम प्रमुख था। अक्षर पिछले कुछ समय से टीम इंडिया के साथ लगातार जुड़े हुए थे और उनकी ऑलराउंड क्षमताओं को देखते हुए उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा था। हालांकि, अंतिम फैसला लेते समय चयनकर्ताओं ने युवा और भविष्य की कप्तानी को ध्यान में रखकर गिल को तरजीह दी।
गौतम गंभीर का हस्तक्षेप
रिपोर्ट में बताया गया है कि चयन बैठक के दौरान गौतम गंभीर ने ऑनलाइन जुड़कर अपनी राय दी। गंभीर ने गिल को टीम के भविष्य का नेता मानते हुए कहा कि उन्हें अभी से नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। गंभीर के इस मजबूत समर्थन के बाद चयन समिति और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने भी सहमति जताई और गिल को उपकप्तान बनाने का एलान हुआ।
टीम मैनेजमेंट का संकेत
शुभमन गिल जुलाई 2024 के बाद से टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेले थे। इसके बावजूद उन्हें उपकप्तान बनाना इस बात का संकेत है कि टीम मैनेजमेंट उनकी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता पर भरोसा कर रहा है। यह कदम साफ दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट अब सिर्फ मौजूदा फॉर्म नहीं, बल्कि लंबी अवधि या यूं कहें भविष्य के लिए योजना पर ध्यान दे रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि चयनकर्ताओं ने गिल को अगले दशक का तीनों प्रारूपों का संभावित कप्तान मानते हुए यह फैसला लिया है।