कारगिल विजय दिवस पर भूतपूर्व सैनिक संगठन की ओर से जिला सचिवालय स्थित शहीद स्मारक पर हुआ कार्यक्रम
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। कारगिल विजय दिवस पर बलिदानियों को सेल्यूट कर आश्रित परिवारों और वीर नारियों को सम्मानित किया गया। भूतपूर्व सैनिक संगठन की ओर से जिला सचिवालय स्थित शहीद स्मारक पर कारगिल विजय दिवस मनाया गया। मुख्यातिथि शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा के भाई हरपाल ढांडा, विशिष्ट अतिथि मेयर कोमल सैनी व एसडीएम पानीपत मनदीप रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधान डॉ. सुदीप सांगवान ने की और मंच संचालक सूबेदार अजीत कुंडू ने किया।
हरपाल ढांडा ने कहा कि हमारे सैनिक सीमा पर दिन-रात तैनात रहते हैं। इन्हीं की बदौलत हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं। वे देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने के लिए तत्पर रहते हैं। हमें उनका और उनके परिवार का सम्मान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय जवानों ने विपरित मौसम और धरातल के बीच दुश्मनों का सामना किया। कारगिल की खड़ी पहाड़ियों पर चढ़कर फिर से अपना कब्जा जमाया। सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह ने कारगिल युद्ध के दौरान की स्थिति के बारे में विस्तार से बताया।
पानीपत। कारगिल विजय दिवस पर बलिदानियों को सेल्यूट कर आश्रित परिवारों और वीर नारियों को सम्मानित किया गया। भूतपूर्व सैनिक संगठन की ओर से जिला सचिवालय स्थित शहीद स्मारक पर कारगिल विजय दिवस मनाया गया। मुख्यातिथि शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा के भाई हरपाल ढांडा, विशिष्ट अतिथि मेयर कोमल सैनी व एसडीएम पानीपत मनदीप रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधान डॉ. सुदीप सांगवान ने की और मंच संचालक सूबेदार अजीत कुंडू ने किया।
हरपाल ढांडा ने कहा कि हमारे सैनिक सीमा पर दिन-रात तैनात रहते हैं। इन्हीं की बदौलत हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं। वे देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने के लिए तत्पर रहते हैं। हमें उनका और उनके परिवार का सम्मान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय जवानों ने विपरित मौसम और धरातल के बीच दुश्मनों का सामना किया। कारगिल की खड़ी पहाड़ियों पर चढ़कर फिर से अपना कब्जा जमाया। सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह ने कारगिल युद्ध के दौरान की स्थिति के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि उस समय हर सैनिक देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने को तैयार था। कर्नल सतीश ओबेरॉय, विंग कमांडर सुरेंद गौड़, कमांडर गुलाब सिंह ने भी भारतीय सेना के जवानों की बहादुरी के बारे में बताया। इस मौके पर सूबेदार धर्मपाल, सूबेदार सतवीर, हवलदार महावीर, सूबेदार मेजर सतवीर सहरावत, हवलदार रणधीर जागलान, सूबेदार मेजर ओमप्रकाश, हवलदार रघुवीर, सूबेदार जीत सिंह, फ्लाइंग ऑफिसर वेद प्रकाश व कैप्टन रणपाल सिंह मौजूद रहे।


