अनिल चौहान हत्याकांड: प्रेमी के साथ मिलकर की थी पति की हत्या, चाकू से हमला कर ली थी जान

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Shikha Bhardwaj

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Ballia News: बलिया पुलिस ने अनिल चौहान हत्याकांड का खुलासा करते हुए उसकी पत्नी और पत्नी के प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पत्नी ने बताया कि पीछा नहीं छोड़ रहा था, इसलिए जान से मार दिया। 

Anil Chauhan murder case wife along with her lover killed her husband in Ballia

नारनौल नगर परिषद में एक कर्मचारी ने कमरे के अंदर फांसी लगा ली। मामले का पता सुबह तब चला जब कर्मचारी अंदर आए। कमरे के अंदर पंखे से कर्मचारी लटका मिला। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस जांच में जुट गई है। कर्मचारी नगर परिषद के अंदर बने कमरे में ही रहता था।

थाना प्रभारी अनिल सिंह ने बताया कि बुधवार को अतरडरिया गांव के चकनी पुल के नीचे अनिल चौहान (35) का शव पड़ा मिला था। गर्दन पर चोट के निशान थे। अनिल चौहान की मां सुनीत देवी ने बहू अनिता चौहान व उसके प्रेमी दिलीप चौहान पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया और जांच शुरू की।

विवेचना में उसकी पत्नी अनीता देवी व उसके प्रेमी दिलीप चौहान को सहतवार स्टेशन की तरफ जाने वाले तिराहे बालक ब्रह्म बाबा स्थान से गिरफ्तार किया गया। अनिता ने पूछताछ में बताया कि पति अनिल बाहर नौकरी करता था।

दो वर्ष से पड़ोस के देवर दिलीप चौहान से संबंध था। दोनों एक साथ रहने के लिए घर से भाग कर मुंबई गए थे, लेकिन पति ने पुलिस से शिकायत कर दी। इस वजह से लौटना पड़ा।

अनिता ने कहा बार-बार कहने के बावजूद पति मेरा पीछा नहीं छोड़ रहा था। दिलीप ने बातचीत के बहाने बुलाकर उसकी चाकू से गर्दन रेत कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को चकनी पुल के पोखरे में फेंक दिया।

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Author: Shikha Bhardwaj

सबसे ज्यादा पड़ गई

आरोप है कि करीब 45 मिनट बाद फैक्टरी के कुछ वर्कर, जिनका नेतृत्व वर्क हाउस मैनेजर पारस कर रहा था, ने आयकर टीम पर हमला बोल दिया। टीम के सदस्य जब अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों में बैठे तो आरोपियों ने उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। टीम की अर्टिगा गाड़ी पर भारी पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए। हमले में ड्राइवर जगदीप को गंभीर चोटें आई हैं। एक अन्य हुंडई वर्ना गाड़ी के हैंडल तोड़ दिए और ड्राइवर के साथ हाथापाई कर उसके कपड़े फाड़ दिए। सरकारी दस्तावेज और मुहर फैक्ट्री में छूटे टीम के अनुसार, हमले के दौरान टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान आयकर अधिकारी अमरजीत की कुछ किताबें, आधिकारिक मुहर और मोबाइल चार्जर फैक्टरी परिसर में ही छूट गए। मौके पर मौजूद एएसआई तेजपाल ने किसी तरह टीम को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद जॉइंट कमिश्नर शक्ति सिंह भी मौके पर पहुंचे।