दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो दिनों से जारी हल्की बूंदाबादी के बाद शुक्रवार को सावन के पहले दिन झूम के बादल बरसे।

देशभर में जारी मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर हैं। बाढ़, बारिश और भूस्खलन से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 300 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। कई गांव जलमग्न हो गए हैं और नदी के किनारे निचले इलाकों को खाली करने के लिए भी कहा गया है। दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो दिनों से जारी हल्की बूंदाबादी के बाद शुक्रवार को सावन के पहले दिन झूम के बादल बरसे। इससे उमस भरी गर्मी से राहत तो मिली, पर जगह-जगह जलभराव से भीषण जाम ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए।
मंडी के थुनाग में सराज घाटी में आपदा ने 80 हजार की आबादी को संकट में डाल दिया है। आपदा के 12वें दिन भी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, प्रशासन और स्थानीय लोग राहत कार्यों में जुटे हैं। 111 बिजली ट्रांसफार्मर और 791 पेयजल योजनाएं ठप हैं। उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन के चलते 11 जिलों में राजमार्गों समेत 116 सड़कें बंद हैं।
सावन की पहली बारिश से दिल्ली-एनसीआर सराबोर
दिल्ली-एनसीआर में बारिश ने सावन का शानदार स्वागत किया। दिल्ली के विभिन्न इलाकों के साथ ही गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद में जमकर बारिश हुई। सुबह से ही काले बादल छाए रहे और दोपहर बाद तक कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री नीचे 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हिमाचल प्रदेश में 21 दिन में 91 मौतें
हिमाचल प्रदेश में बाढ़, बारिश और भूस्खलन से 21 दिनों में 91 लोगों की जान जा चुकी है। 364 से ज्यादा घायल हुए हैं, जबकि 131 लोग लापता हैं। 750 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
यूपी में बिजली गिरने से चार की मौत
उत्तर प्रदेश में भी अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश हुई। प्रदेश के जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र और महोबा जिलों में बिजली गिरने से अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की जान चली गई।
Author: planetnewsindia
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