Himachal Cloudburst: आपदा प्रभावित पियाला डेजी गांव तक पहुंचा बचाव दल, 65 लोगों को सुरक्षित निकाला

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 हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सराज क्षेत्र के अति दुर्गम पियाला डेजी गांव तक बचाव दल पहुंचने में सफल हो गया है।

Himachal cloudburst: Rescue team reached the disaster affected Pyala Daisy village mandi, rescued 65 people sa

बादल फटने के कारण आई बाढ़, भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सराज क्षेत्र के अति दुर्गम पियाला डेजी गांव तक बचाव दल पहुंचने में सफल हो गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने डेजी सहित अन्य गांवों से 65 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। डीसी अपूर्व देवगन ने बताया कि भारी बारिश व भूस्खलन के कारण थुनाग सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्ग बाधित होने से यहां फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए एनडीआरएफ के सहयोग से स्थानीय प्रशासन ने विशेष अभियान चलाया।

इसके तहत शुक्रवार सुबह बचाव दल सराज क्षेत्र से सर्वाधिक प्रभावित रूकचूल, भराड़ व पियाला डेजी क्षेत्र में पहुंचने में सफल रहा। इन क्षेत्रों से 65 प्रभावितों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रभावितों को आवश्यकता अनुसार प्रारंभिक चिकित्सा सुविधा भी प्रदान की जा रही है। थुनाग से यह गांव लगभग आठ से नौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां के लिए रास्तें क्षतिग्रस्त होने के कारण टीम को  प्रभावित लोगों तक पहुंचने में काफी कठिनाइयां पेश आईं। उपायुक्त ने कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से जिला प्रशासन इन दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने में सक्षम हो पाया है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों, स्वयंसेवियों व स्थानीय लोगों का सराहनीय सहयोग निरंतर बना हुआ है।

 

55 अभी भी लापता, 280 सड़कों पर आवाजाही ठप
आपदा प्रभावित सराज की करीब 38 पंचायतें अलग-थलग पड़ गई हैं। 30 जून की रात को बरसी आफत से मंडी जिले में ही अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 55 लापता हैं। लापता लोगों की तलाश, राहत व बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें जुटी हैं।  सराज घाटी की करीब 80 हजार आबादी सोमवार रात को आई भारी आपदा से जूझ रही है। उधर,   राज्य में शुक्रवार सुबह 10:00 बजे तक 280 सड़कें वाहनों की आवाजाही के बाधित थीं। इसके अतिरिक्त 332 बिजली ट्रांसफार्मर व 784 जल आपूर्ति स्कीमें में भी प्रभावित हैं। सबसे अधिक 156 सड़कें मंडी जिले में ठप हैं। सिरमाैर 49, कुल्लू 36 व शिमला में 19 सड़कें प्रभावित हैं।

जोगिंद्रनगर में 15 परिवारों के 47 सदस्यों को सुरक्षित स्थानों में दिलाई शरण 
मंडी जिले में आफत की तरह बरस रही बरसात में अब उपमंडल जोगिंद्रनगर के ग्रामीण क्षेत्र भी खतरे की जद में आ गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े भूस्खलन की आशंका को देखते हुए जोगिंद्रनगर प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट करने के आदेश पंचायत प्रतिनिधियों ,खंड विकास अधिकारी को जारी कर दिए हैं। टिकरी मुशैहरा पंचायत के दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्र निक्का ठाणा और बुहला मंरोला गांव में पत्थर गिरने व पहाड़ी दरकने की आंशका को देखते हुए 15 परिवारों के 47 से अधिक सदस्यों को सुरक्षित स्थानों में प्रशासन ने शरण दिलाई है। यहां 120 मवेशियों के साथ रह रहे भेड़ पालकों को सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट करने की हिदायत दी गई है। शुक्रवार सुबह निक्का ठाणा और बुहला मंरोला की पहाड़ी में पत्थर गिरने से लोग सहम उठे। पंचायत प्रधान रवींद्र ने बताया कि पहाड़ी दरकने की आंशका को देखते हुए एहतियातन दोनों गांवों के लगभग 15 के 47 से अधिक सदस्यों को सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर दी है। तहसीलदार जोगिंद्रनगर डाॅ. मुकुल अनिल शर्मा ने बताया कि मानसून सीजन में भूस्खलन से संभावित क्षेत्रों से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट करने करने के आदेश स्थानीय प्रशासन ने जारी किए हैं।

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