अलीगढ़ से हाथरस के गांव मेवली जा रही बरात की बस की खिड़की से झांक रहे 11 साल के बच्चे की गर्दन मैक्स की चपेट में आकर धड़ से अलग हो गई। हाथरस के जंक्शन क्षेत्र में हाजीपुर रेलवे फाटक के पास यह दर्दनाक हादसा हुआ।

हाथरस में ग्यारह साल का मोहम्मद अली अपने भाइयों की बरात में जा रहा था। पांच दिन पहले ही अपने वालिद के साथ जाकर बाजार से नई पेंट शर्ट खरीदकर लाया था। बड़ा खुश था अली। वह बस में दूसरे बच्चों के साथ सबसे पीछे वाली सीट पर खिड़की के पास बैठा था।
बस हाजीपुर रेलवे फाटक पर रुकी तो अली बाहर खड़े अपने वालिद को देखने के लिए खिड़की से झांकने लगा। इसी दौरान सामने से आई मैक्स से उसकी गर्दन कट गई। सिर सड़क पर गिर गया जबकि धड़ सीट पर था। इसे देख बस में चीखपुकार मच गई। वहीं, आस मोहम्मद सड़क पर पड़े अपने बेटे के सिर को हाथ में लेकर बिलखने लगा।
बस में 65 लोग थे सवार
मोहम्मद अली का सिर उसके वालिद आस मोहम्मद के हाथ में था जबकि ताऊ साबूउद्दीन बच्चे के धड़ को हाथों में लेकर बिलख रहे थे। बस की सीट पर भी खून ही खून बिखरा हुआ था। पिता तो अपने बेटे का सिर लेकर इधर-उधर दौड़ रहा था। हर तरफ चीख-पुकार थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद यहां ट्रैफिक भी रुक गया था।
मोहम्मद अली का सिर उसके वालिद आस मोहम्मद के हाथ में था जबकि ताऊ साबूउद्दीन बच्चे के धड़ को हाथों में लेकर बिलख रहे थे। बस की सीट पर भी खून ही खून बिखरा हुआ था। पिता तो अपने बेटे का सिर लेकर इधर-उधर दौड़ रहा था। हर तरफ चीख-पुकार थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद यहां ट्रैफिक भी रुक गया था।

परिवार वालों ने बताया कि मोहम्मद अली अपने भाइयों की बरात में जाने को लेकर बहुत उत्सुक था। लेकिन कौन जानता था कि बरात पहुंचने से पहले ही वह दर्दनाक हादसे का शिकार हो जाएगा। परिवार वालों ने बताया कि बस में छोटे बड़े सब मिलाकर 65 लोग सवार थे।

सिर को धड़ से जोड़ने की कोशिश करता रहा बदहवास पिता
दरअसल जिस मार्ग से बस जा रही थी वह संकरा था। सामने से मैक्स आई तो बस रुक गई। मैक्स भी रुक गई। काफी देर दोनों वाहनों के चालक गाड़ियों को आगे पीछे करके निकलने की कोशिश करते रहे मगर काफी देर तक दोनों गाड़ियां फंसी रहीं। बाद में किसी तरह दोनों वाहन धीरे धीरे बढ़ने लगे। स्थिति यह थी दोनों ही वाहन एक दूसरे से सटकर निकल रहे थे।
दरअसल जिस मार्ग से बस जा रही थी वह संकरा था। सामने से मैक्स आई तो बस रुक गई। मैक्स भी रुक गई। काफी देर दोनों वाहनों के चालक गाड़ियों को आगे पीछे करके निकलने की कोशिश करते रहे मगर काफी देर तक दोनों गाड़ियां फंसी रहीं। बाद में किसी तरह दोनों वाहन धीरे धीरे बढ़ने लगे। स्थिति यह थी दोनों ही वाहन एक दूसरे से सटकर निकल रहे थे।

खिड़की से झांकने लगा मोहम्मद अली
इसी दौरान मोहम्मद अली खिड़की से झांकने लगा और उसकी गर्दन दोनों वाहनों के बीच में फंसकर कट गई और धड़ से अलग होकर सड़क पर गिर गई। सिर को पिता ने उठा लिया और धड़ को लेकर उसका ताऊ नीचे आया। पिता ने अपने बेटे के सिर को धड़ से जोड़ने की कोशिश की। सब जान रहे थे कि बालक की मौत हो चुकी है लेकिन पिता मानने को तैयार नहीं था। कभी अंगोछा बांधकर बहता खून रोकने की कोशिश करता तो कभी सिर को धड़ को जोडने की।
इसी दौरान मोहम्मद अली खिड़की से झांकने लगा और उसकी गर्दन दोनों वाहनों के बीच में फंसकर कट गई और धड़ से अलग होकर सड़क पर गिर गई। सिर को पिता ने उठा लिया और धड़ को लेकर उसका ताऊ नीचे आया। पिता ने अपने बेटे के सिर को धड़ से जोड़ने की कोशिश की। सब जान रहे थे कि बालक की मौत हो चुकी है लेकिन पिता मानने को तैयार नहीं था। कभी अंगोछा बांधकर बहता खून रोकने की कोशिश करता तो कभी सिर को धड़ को जोडने की।

शादी की खुशियां बदली मातम में, बरात लौटी वापस, चंद लोग हुए शादी में शामिल
इस दर्दनाक हादसे के बाद शादी की खुशियां गम में बदल गईं। कुछ लोग तो बस से उतरकर वापस अपने घरों को आ गए थे। दस से पंद्रह लोगों की मौजूदगी में ही विवाह की रस्म की गई। परिवार वालों ने बताया कि कुछ वाहनों की व्यवस्था करके बरातियों को घरों को वापस भेजा गया था।
इस दर्दनाक हादसे के बाद शादी की खुशियां गम में बदल गईं। कुछ लोग तो बस से उतरकर वापस अपने घरों को आ गए थे। दस से पंद्रह लोगों की मौजूदगी में ही विवाह की रस्म की गई। परिवार वालों ने बताया कि कुछ वाहनों की व्यवस्था करके बरातियों को घरों को वापस भेजा गया था।

बस की खिड़की से झांक रहे बालक का सिर धड़ से कटा
अलीगढ़ से हाथरस के गांव मेवली जा रही बरात की बस की खिड़की से झांक रहे मोहम्मद अली (11) की गर्दन मैक्स की चपेट में आकर धड़ से अलग हो गई। यह दर्दनाक हादसा रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे जंक्शन क्षेत्र में हाजीपुर रेलवे फाटक के पास हुआ।
अलीगढ़ से हाथरस के गांव मेवली जा रही बरात की बस की खिड़की से झांक रहे मोहम्मद अली (11) की गर्दन मैक्स की चपेट में आकर धड़ से अलग हो गई। यह दर्दनाक हादसा रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे जंक्शन क्षेत्र में हाजीपुर रेलवे फाटक के पास हुआ।

हादसे के वक्त मोहम्मद अली अपने दो चचेरे भाइयों की बरात में जा रहा था। वह अलीगढ़ शहर के मकदूम नगर कमेला रोड निवासी आस मोहम्मद का पुत्र था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद चालक बस और मैक्स छोड़कर भाग गए।

आस मोहम्मद के बड़े भाई साबूद्दीन के बेटे साहिल और उनके छोटे भाई बाबूद्दीन के बेटे दानिश की बरात गांव मेवली में दो भाइयों अफसर और बॉबी के यहां जा रही थी। रविवार दोपहर बस कैलोरा-जलेसर मार्ग पर हाजीपुर में रेलवे फाटक पर बन रहे ओवरब्रिज के निकट पहुंची।

यहां निर्माण के चलते वाहनों के आने-जाने के लिए सर्विस रोड बनाई हुई है। बालक के ताऊ साबूद्दीन ने बताया कि सर्विस रोड पर बस के सामने से मैक्स वाहन आ गया। उसे रास्ता देने के लिए चालक ने बस को नीचे कच्चे में उतार लिया। लेकिन एक पेड़ सामने आने के कारण बस रुक गई।

बस में सवार बराती नीचे उतर गए, उसमें केवल बच्चे बैठे रह गए। मैक्स के चालक ने जगह न होने के बाद भी बस से सटाकर वाहन को निकालने की कोशिश की, इस दौरान खिड़की से झांक रहे मोहम्मद अली की गर्दन कट गई।

सीओ जेएन अस्थाना ने बताया कि दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया गया है। हादसे के बाद भागे चालकों की तलाश की जा रही है। परिजनों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर के अनुसार ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
Author: planetnewsindia
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