ईरान के परमाणु ठिकानों पर इस्राइल ने हमले किए थे, लेकिन ईरान के परमाणु ठिकाने भूमिगत हैं, जिससे इस्राइली हमलों में उन्हें खास नुकसान नहीं हुआ। इस्राइल के पास ऐसे हथियार नहीं हैं, जो भूमिगत ढांचे को तबाह कर सकें। ऐसे में अमेरिका की एंट्री हुई और अमेरिका ने अपने सबसे खास हथियारों में से एक बी-2 स्टील्थ बॉम्बर से 30,000 पाउंड के मैसिव ओर्डिनेंस पेनिट्रेटर या बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया, जो जमीन के भीतर भी भारी तबाही मचाने की ताकत रखते हैं।

अमेरिकी बी-2 स्पिरिट बमवर्षक विमानों ने मिसौरी से लगभग 37 घंटे तक बिना रुके उड़ान भरी और रविवार की सुबह ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया। हमले से पहले स्टील्थ बमवर्षक विमानों में बीच हवा में ईंधन भरा गया। इसके बाद ये विमान तीन प्रमुख ईरानी परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फाहान पर कहर बनकर टूटे।
हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फोर्डो खत्म हो गया है। उन्होंने भारी किलेबंद भूमिगत सुविधा का जिक्र किया, जिसे लंबे समय से तेहरान का सबसे सुरक्षित परमाणु स्थल माना जाता है। उन्होंने मिशन की अद्भुत सफलता को सराहा और ईरान को चेतावनी दी कि उन्हें तुरंत शांति स्थापित करनी चाहिए अन्यथा उन्हें फिर से हमला झेलना पड़ेगा।
Author: planetnewsindia
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