आगरा में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हुआ। यमुना नदी में नहाते समय एक ही परिवार की छह लड़कियां डूब गई, चार ने मौके पर तो दो ने अस्पताल में दम तोड़ा। मृतकों में शामिल एक लड़की की इसी साल शादी होनी थी।

उत्तर प्रदेश के आगरा में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हुआ। यमुना नदी में नहाते समय छह लड़कियों की डूबकर मौत हो गई। इनमें चार लड़कियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हुई। एक ही परिवार में छह लड़कियों की मौत से पूरे इलाका दहल उठा। मरने वाली लड़कियों में तीन सगी बहनें शामिल हैं।
जानकारी मिली है कि उपचार के दौरान जिस लड़की ने दम तोड़ा है उसका रिश्ता तय हो गया था। देवोत्थान पर उसकी शादी होनी थी। इसकी तैयारियां चल रही थीं, ऐसे में जिस घर में बरात आनी थी, उस घर के आंगन में छह लड़कियों के शव आए। इसके बाद शादी का माहौल मातम में बदल गया। परिवार में चीख-पुकार मची है।

मुस्कान का रिश्ता हाल ही में सिकंदरा के गांव महल में तय किया था। मुस्कान के हाथ पीले करने के लिए घरवाले तैयारी में लगे थे। परिजन देवोत्थान पर एक नवंबर को उसकी शादी करना चाहते थे। दादा विजय सिंह ने बताया कि रात को मजदूरी कर घर आने के बाद पांचों बेटियां पिता के साथ ऑनलाइन साइट से अपनी पसंद के कपड़े दिखाती थीं। परिवार के अन्य लोग भी शादी की तैयारी में लगे थे। इससे पहले मंगवार उसकी मौत हो गई।

मां कांता सुबह सत्संग सुनने के लिए गई थीं। पिता सुरेश मजदूरी पर गए थे। बेटियों की मौत की खबर सुन वह नंगे पैर ही घर की तरफ दौड़ पड़े थे। पति-पत्नी दोनों के मुंह से एक ही बात निकल रही थी कि बेटी के हाथ पीले करने का सपना अधूरा रह गया। कब से सपने संजो रखे थे। सब एक पल में खत्म हो गए।

यमुना में हादसे से एक दिन पहले मुस्कान ने अपनी मौसेरी बहन और मौसी के साथ नदी में रील बनाई थी। सेल्फी ली थीं। यमुना नदी में रील बनाते हुए उनका एक वीडियो वायरल हुआ है। दीपेश ने बताया कि बहनें अकसर नदी में वीडियो बनाने जाती थीं। यमुनापार से मौसी, मौसेरी बहन के आने के बाद सोमवार को भी यमुना में नहाने पहुंची थीं। तब कई रील बनाई थीं। मंगलवार को भी वह अपने साथ मोबाइल ले गई थीं। परिजन यह नहीं बता सके कि मंगलवार को हादसे से पहले भी रील बनाई गई थीं या नहीं।

यमुना नदी में छह किशोरियों के डूबने की घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री सचिवालय से फोन घनघनाने लगे। लखनऊ से घटना की जानकारी ली गई। अफसर कई थानों के फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। तहसील का स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया।

परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि वह अब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते। नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने किशोरियों के दादा और अन्य परिजन को समझाया कि पोस्टमार्टम नहीं होगा तो मुआवजे में भी दिक्कत आएगी। वह काफी देर तक परिजन को समझाते रहे। कहा कि अन्य बच्चों की अच्छी परवरिश के बारे में सोचो। उन्हें भी आपको ही देखना है। इसके बाद ही पोस्टमार्टम को तैयार हुए।

आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में मंगलवार की सुबह यमुना किनारे बसे गांव नगला नाथू की रहने वालीं तीन सगी बहनें अपनी हमउम्र मौसी, मौसेरी बहन और चचेरे भाई-बहनों के साथ नहाने गई थीं। इस दौरान गहरे पानी में छह किशोरियां डूब गई। चचेरे भाई ने शोर मचाया तो खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आधा घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला। पुलिस की एक जीप से चार किशोरियों को एसएन इमरजेंसी ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दो की सांसें चल रही थीं। उनको पुलिस की दूसरी जीप से निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां दो घंटे बाद उनकी भी मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। नगला नाथू निवासी सुरेश चंद्र की तीन बेटियां मुस्कान (18), दिव्या (15), संध्या उर्फ कंचन (12), चचेरी बहन नैना (14) पुत्री दिनेश और चचेरे भाई दीपेश (14) पुत्र राजकपूर गांव के पास ही यमुना में नहाने गई थीं।

नगला रामबल, जलेसर रोड के अशोक कुमार की बेटी शिवानी (17), टेढ़ी बगिया के अशोक की बेटी सोनम (12) भी अपने मौसा सुरेश चंद्र के घर आई हुई थीं। हमउम्र शिवानी रिश्ते में मुस्कान की मौसी है। वह दोनों भी साथ थीं। दीपेश ने बताया कि यमुना में नहाने के दौरान करीब 10:30 बजे मुस्कान और शिवानी गहरे पानी में चली गई और डूबने लगीं।

अन्य किशोरियां और दीपेश उन्हें बचाने का प्रयास करने लगा। सभी छह किशोरियां गहरे पानी में डूब गईं। दीपेश किसी तरह बाहर निकला और शोर मचाया तो आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उनमें से तैराक युवक नदी में कूद गए। आधा घंटे की कवायद के बाद उन्होंने किशोरियों को नदी से निकाल लिया।

इसी दरम्यान घटना की सूचना सिकंदरा पुलिस व प्रशासन तक पहुंच गई। सिकंदरा थाने की जीप पहुंची। पुलिस चार किशोरियों मुस्कान, दिव्या, संध्या और नैना को लेकर एसएन इमरजेंसी पहुंची। वहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया।

इधर घटनास्थल पर ही शिवानी और सोनम के पेट से पानी निकाला गया तो उनकी सांसें चल रही थीं। उनको ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई। रास्ता ऊबड़खाबड़ होने के कारण एंबुलेंस घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में पुलिस की दूसरी जीप से दोनों किशोरियों को निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां 2 घंटे तक चिकित्सकों ने उनको बचाने की कोशिश की।

दोपहर 2 बजे चिकित्सकों ने उनको भी मृत घोषित कर दिया। छह किशोरियों की मौत से गांव में हाहाकार मच गया। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी, नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल, अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह, एडीसीपी आदित्य, एसीपी विनायक भोंसले मौके पर पहुंच गए थे।
Author: planetnewsindia
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