Kamal Haasan: कन्नड़ भाषा विवाद पर बोले कमल हासन- ‘पहले भी बहुत धमकियां मिलीं, अगर मैं गलत हूं तो…’

Picture of planetnewsindia

planetnewsindia

SHARE:

Kamal Haasan on Kannada Language Controversy: कमल हासन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है उनके एक बयान को लेकर उपजे विवाद, जिसके चलते कुछ कन्नड़ समर्थक संगठनों ने उनकी आने वाली फिल्म के बहिष्कार की धमकी दी है।

kamal haasan on kannada language controversy says if he is wrong he would apologize

‘मुझे पहले भी बहुत धमकियां मिली हैं। अगर मैं गलत हूं तो मैं माफी मांग लूंगा और अगर मैं गलत नहीं हूं तो नहीं मांगूंगा।’ ये कहना है तमिल एक्टर और मक्कल निधि मय्यम (MNM) पार्टी के अध्यक्ष कमल हासन का। कमल एक बार फिर से अपने कन्नड़ भाषा को लेकर दिए गए बयान को लेकर विवादों में हैं।

planetnewsindia
Author: planetnewsindia

8006478914

सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।