पीलीभीत में भीषण हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से दंपती और पुत्र की मौत, परिवार में मचा कोहराम

Picture of planetnewsindia

planetnewsindia

SHARE:

पीलीभीत-बीसलपुर मार्ग पर ज्योराह गांव की सीमा में बालाजी मढ़ी के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर बाइक सवार पिता-पुत्र की मौत हो गई, जबकि बाइक पर बैठी महिला गंभीर घायल हो गई। जिला अस्पताल ले जाते वक्त उसने भी दम तोड़ दिया।

husband wife and son died due to tractor-trolley hit the bike in Pilibhit

पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र में सोमवार को शाम हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार पति-पुत्र और महिला की मौत हो गई। तीनों लोग भंडारे में जा रहे थे। रास्ते में ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में परिवार के तीन लोगों की मौत से गांव में मातम छा गया। पुलिस ने तीनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।

थाना दियोरिया के नौगवां नबीनगर निवासी पंचम लाल (45 वर्ष), बेटे अमर सिंह (20 वर्ष) व पत्नी सुनीता रानी के साथ बाइक पर बैठकर जा रहे थे। ज्योराह गांव की सीमा में बालाजी मढ़ी के पास उनकी बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गई। हादसे में तीनों गंभीर घायल हो गए। लोगों के पहुंचने से पहले ही चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर फरार हो गया। मौके पर पहुंचे लोगों ने सूचना पुलिस को दी।

घायलों को एंबुलेंस की मदद से बरखेड़ा सीएचसी लाया गया। यहां जांच के बाद चिकित्सकों ने पिता-पुत्र को मृत घोषित कर दिया। सुनीता की हालत गंभीर होने पर उन्हें उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। रात में उनकी भी मौत हो गई। 

रुद्रपुर से बीसलपुर जाते समय हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार मृतक पंचम लाल उत्तराखंड के रुद्रपुर में परिवार के साथ रहते थे। रुद्रपुर में ट्रैक्टर चलाने का कार्य करते थे। सोमवार को वह पत्नी और पुत्र के साथ बीसलपुर के दौलतपुर गांव में आयोजित भंडारे में शामिल होने जा रहे थे। इस दौरान ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आकर तीनों की जान चली गई। हादसे के बाद पंचम लाल के परिवार में कोहराम मचा है। उनके छोटे पुत्र जितेंद्र, वीरेंद्र और पुत्री सोनी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण व रिश्तेदार तीनों को ढाढ़स बंधा रहे हैं।

PLANET NEWS INDIA

planetnewsindia
Author: planetnewsindia

8006478914

सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।