गुरदासपुर से लगते बॉर्डर पर बीएसएफ जवानों ने जब संदिग्ध वस्तु की जांच पड़ताल की तो मालूम हुआ वह इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) था। इसके बाद जवानों ने आईईडी को निष्क्रिय करने का प्रयास किया। इसी चक्कर में एक जवान घायल हो गया। उसे तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पंजाब से लगते भारत-पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर पहली बार इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट की घटना देखने को मिली है। अभी तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, पूर्वोत्तर और जम्मू कश्मीर के आतंकवाद से प्रभावित इलाकों में आईईडी का इस्तेमाल होता था। आईईडी के जरिए सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती थी। अब पंजाब में अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर भारतीय क्षेत्र में यह घटना हुई है।
गुरदासपुर से लगते बॉर्डर पर बीएसएफ जवानों ने जब संदिग्ध वस्तु की जांच पड़ताल की तो मालूम हुआ वह इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) था। इसके बाद जवानों ने आईईडी को निष्क्रिय करने का प्रयास किया। इसी चक्कर में एक जवान घायल हो गया। उसे तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गुरदासपुर के चौतडां इलाके में जहां यह विस्फोट हुआ है, वह पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है। बीएसएफ के जवान रात में सीमा पर बाड़ के आगे गश्त करते हैं। उनका मकसद इलाके को सुरक्षित रखने के अलावा जवानों और स्थानीय किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। दिन के समय इस रास्ते से किसान खेती के लिए आते-जाते हैं। बीएसएफ के मुताबिक, यह आईईडी, सुरक्षा बलों और किसानों को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाई गई थी। जांच के दौरान खेतों में छिपे हुए तारों का एक नेटवर्क भी सामने आया है। संभव है कि ऐसी कई आईईडी वहां पर दबाई गई हों।
बीएसएफ बम निरोधक दस्ता तुरंत मौके पर पहुंचा। क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई। क्षेत्र को साफ करने के बाद आईईडी को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। सतर्कता, साहस और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता का यह कार्य ‘जीवन पर्यंत कर्तव्य’ के सिद्धांत का उदाहरण है। बीएसएफ कर्मियों द्वारा दिखाई गई बहादुरी ने न केवल एक बड़ी घटना को टाला, बल्कि अनगिनत नागरिकों की जान भी बचाई।
Author: planetnewsindia
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