किसानों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ खोला मोर्चा

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Sunil Kumar

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भारतीय किसान संघ पदाधिकारियों और किसानों ने अब अफसरों की तानाशाहत्मक भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए मोर्चा खांेल दिया हैं। किसानों ने तहसील के बाहर धरना प्रदर्शन किया और अफसरों द्वारा किसानों के प्रति बरती जा रही लापरवाही और उदासीनता तथा जबरन बसूली के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
मंगलवार को किसानों ने तहसील के बाहर किसानों ने संगठन के जिलाध्यक्ष विष्णु शर्मा (बंटी भैया) की अध्यक्षता एवं जिला महिला प्रमुख चैधरी माधवी सिंह के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया एवं अफसरों द्वारा किसानों के काम के लिए सुविधा शुल्क मांगने जैसी नीतियों को विरोध किया। किसानों ने कहा कि पूरे विश्व में किसान अन्नदाता के नाम से जाना जाता है, और अन्नदाता के साथ ही अफसरान जो जुल्म करते हैं वह बहुत ही घृणित कार्र है। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम प्रज्ञा यादव को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि किसानों को दाखिल रारिज न करने के संबध में ग्राम छौंडा गड़उआ की गाटा संख्या 422 व 444 के लिए प्रार्थना पत्र दिया मगर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। वही किसानों ने ज्ञापन में कहा है कि जब किसान खतौनी लेने जाता है तो पंद्र से से बीस रूपये तक बसूले जाते हैं वहीं उपनिबंधक कार्यालय में एक प्रतिशत अलग से लेन-देन किया जाता है। जिससे निबंधन कराने वाले को भारी आर्थिक नुकसान सहना पड़ता है। किसानों ने ज्ञापन में कहा है कि स्टांप बिके्रता द्वारा दस रूपये का स्टांप चालीस रूपये में बेचा जा रहा है। वहीं नगला गढ़ू मंदिर चैराहा पर अतिक्रमण हटवाया जाए। ज्ञापन में किसानों ने कहा कि जमीन का आपसी बंटवारा होने के गाद कुराबंद नहीं की जाती है। जिससे झगडा आदि होते ह,ैं किसान जीवनभर आपस सुलह नहीं कर पाते हैं, और अफसरान की ड्यौढी पर चक्कर लगाते रहते है। इस दौरान मुकेश पाठक, अनिल कुमार, कांता पचैरी, वीरपाल सिंह, सतीश बांगड़, सुनील सिंह, अनिल पाठक, विजय शर्मा बृजेश शर्मा, अजय पाठक, कान्हा पाठक, अश्वनी पाठक, अभिषेक पाठक विजेन्द्र तोमर आदि दर्जनभर से अधिक किसान मौजूद थें।

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Author: Sunil Kumar

SASNI, HATHRAS

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