पीड़ित ने बताया कि उन्होंने करीब 36 साल पहले प्लॉट खरीदा था, इस पर मकान बनवाया। नगला परसी निवासी एक व्यक्ति ने इसी मकान को प्लाॅट दर्शाकर उसका बैनामा करा लिया है।

कस्बा दादों के छर्रा-सांकरा मार्ग स्थित शराब के ठेके के सामने बने एक घर का जबरन बैनामा कराने की बात कह कर लोगों ने मकान बिकाऊ है… के पोस्टर लगा दिए। हरकत में आई पुलिस ने चार घंटे की मशक्कत के बाद पोस्टर हटवाए। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। मकान के मालिकाना हक को लेकरअतरौली के सिविल कोर्ट में मामला विचाराधीन है।
पीड़ित जमील पुत्र तकी मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने करीब 36 साल पहले कस्बा निवासी इंद्रजीत से प्लॉट खरीदा था, इस पर मकान बनवाया। नगला परसी निवासी एक व्यक्ति ने इसी मकान को प्लाॅट दर्शाकर उसका बैनामा करा लिया है। जानकारी होने पर पीड़ित ने अतरौली न्यायालय में अपना वाद दायर किया, जो वर्तमान में विचाराधीन चल रहा है। न्यायालय से यथास्थिति के आदेश जारी किए गए हैं।
17 फरवरी देर शाम पीड़ित जमील सहित करीब 10 परिवार के लोगों ने अपने मकान पर बिकाऊ हैं… के पोस्टर लगा दिए। जिसका पुलिस ने संज्ञान लिया। थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और पीड़ित समझने का प्रयास किया। करीब चार घंटे बाद पोस्टर हटाए गए। इसी दौरान घर पर लग रहे मकान बिकाऊ के पोस्टर फाड़ते वक्त एक व्यक्ति ने वीडियो बना लिया। ये देख कर एक सिपाही भड़क गया उसने वीडियो बनाने वाले निजी संस्थान के पत्रकार को डंडा मार दिया। जिससे उसका फोन टूट गया।
इस संबंध में गांव नगला परसी निवासी उमेश कुमार पुत्र अजयपाल ने बताया मार्च 2023 में किसान इंद्रजीत पुत्र गंगा गंगासहाय से बैनामा कराया था। सिविल कोर्ट से बीते 29 जनवरी को उनके पक्ष में कोर्ट ने आदेश किया है। जमील द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।
Author: planetnewsindia
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