राष्ट्रीय ब्राह्मण एकता महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष राकेश शर्मा की अगुवाई में 10 अगस्त 2004 को काफी तादाद में समाज के लोग नगर निगम में ज्ञापन देने पहुंचे थे। यहां नगर आयुक्त के नहीं मिलने पर स्टाफ से अभद्रता करते हुए नगर आयुक्त कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ करने, कुर्सी पर कब्जा करने व स्टाफ से मारपीट करने का आरोप लगा था।

अलीगढ़ नगर निगम में 21 वर्ष पुराने बवाल के मुकदमे में राष्ट्रीय ब्राह्मण एकता महासंघ के पूर्व अध्यक्ष राकेश शर्मा को अदालत ने कमजोर साक्ष्यों के चलते बरी कर दिया। वह महानगर में भगवान परशुराम चौक की स्थापना के मुद्दे पर ज्ञापन देने गए थे। उन पर नगर आयुक्त की कुर्सी पर कब्जा, कार्यालय में तोड़फोड़ व स्टाफ से मारपीट-हमले का आरोप लगा था।
संगठन के तत्कालीन अध्यक्ष राकेश शर्मा की अगुवाई में 10 अगस्त 2004 को काफी तादाद में समाज के लोग नगर निगम में ज्ञापन देने पहुंचे थे। यहां नगर आयुक्त के नहीं मिलने पर स्टाफ से अभद्रता करते हुए नगर आयुक्त कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ करने, कुर्सी पर कब्जा करने व स्टाफ से मारपीट करने का आरोप लगा था। मामले में नगर निगम के कर्मचारी रमेश चेतन व सुनील कुमार रायजादा ने सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया था।
अदालत में विचारण के दौरान सिर्फ सुनील रायजादा की गवाही हो सकी। दूसरे गवाह रमेश चेतन की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है। बचाव पक्ष के अनुसार सुनील रायजादा ने गवाही में कहा कि उन्होंने खुद वहां अपनी आंखों से वाकया नहीं देखा। वे जब आए तो उन्हें स्टाफ ने बताया था। इसके अलावा दूसरा कोई गवाह या साक्ष्य पेश नहीं हो सका। इसी आधार पर अदालत ने राकेश शर्मा को बरी किया है।
इस निर्णय पर जेसी शर्मा, देव प्रकाश शर्मा, राकेश श्रीनाथजी, विनय कुमार शर्मा, आर सी शर्मा, हितेंद्र उपाध्याय बंटी, अनू आजाद, डॉ. दिनेश शर्मा, राम अवतार शर्मा, लक्ष्मी शर्मा आदि ने अदालत का आभार जताया है।
Author: planetnewsindia
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