
गाजियाबाद। पुराने, नए रेलवे स्टेशन पर भीड़ बेकाबू हो रही है। बिहार, पूर्वांचल, उत्तराखंड की तरफ जाने वाली अधिकांश ट्रेनों के सामान्य कोच में यात्रियों को चढ़ना-उतरना मुश्किल हो रहा है। जनरल में जगह नहीं मिलने पर यात्री स्लीपर और एसी में घुस रहे हैं। रविवार को नई दिल्ली से चलकर गाजियाबाद जंक्शन पहुंची गोमती एक्सप्रेस में जबरदस्त भीड़ रही। जो यात्री जनरल कोच में नहीं चढ़ पाए वे स्लीपर कोच की खिड़की से घुसे। भीड़ से स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल रहा
सबसे ज्यादा बुरे हालात गाजियाबाद जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक और दो पर हैं। इस प्लेटफार्म पर उत्तर और पूरब की ओर से जाने वालियां गाड़ियां आती हैं। कुंभी की वजह से ठसाठस चल रही ट्रेनों में टिकट लेने के बाद लोगों को जगह नहीं मिल रही है। गेट पर भीड़ होने से खिड़की से यात्री कोच में घुस रहे हैं। ट्रेन आते ही यात्री दौड़ पड़ते हैं। भगदड़ होने से आरपीएफ के लिए व्यवस्था को काबू करना मुश्किल हो रहा है।
दोपहर को 1:42 पर गोमती एक्सप्रेस दिल्ली की ओर से आई। इस दौरान प्लेटफार्म नंबर दो पर सैकड़ों की भीड़ इकट्ठा थी। ट्रेन पहले से खचाखच भरी थी। उसमें बैठने के लिए यात्रियों में होड़ मच गई। इस दौरान महिलाएं, बुजुर्ग व बच्चे असहाय नजर आए। वहां मौजूद आरपीएफ के जवान भी उनकी कोई मदद नहीं कर सके। ट्रेन के चलने के बाद भी उसमें बैठने को लेकर मारामारी रही।
शाम को 6:37 पर हरिद्वार एक्सप्रेस आई तो नए गाजियाबाद स्टेशन पर लोग उसमें बैठने के लिए दौड़ पड़े। अंदर बैठे लोग बाहर वालों को धक्का मार रहे थे। सवा सात बजे ट्रेन चली तो भी उसमें लोग बैठने के दौड़ लगाते रहे। दैनिक यात्री मुकेश ने बताया कि अधिकांश ट्रेनें रद्द चल रही हैं। इसलिए लोकल यात्री भी दूर जाने वाली ट्रेनों में बैठ रहे हैं। इससे भीड़ बढ़ रही है।
दिल्ली हादसे के बाद आरपीएफ जीआरपी व सिविल पुलिस भी अलर्ट मोड पर दिखी। रविवार शाम को स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों पर मार्च निकाला गया। लोगों को एक जगह इकट्ठा न होने की सलाह दी गई। बार-बार एनाउंसमेंट करके उनको बताया गया कि वह ट्रेन के समय के बारे में पता करके ही प्लेटफार्म पर पहुंचे। बिना वजह बैठे लोगों को वहां से हटाया गया। आरपीएफ के निरीक्षक यशवंत सलूजा ने बताया कि प्लेटफार्म पर जवानों की डयूटी आठ की बजाय 12 घंटे कर दी गई है। जीआरपी का भी सहयोग लिया जा रहा है। ट्रेनों को विशेष सतर्कता में निकाला जा रहा है।
गाजियाबाद। रविवार को कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से पांच घंटे 10 मिनट देरी से गाजियाबाद पहुंची। इसको यहां दोपहर 2:08 पर पहुंचना था, लेकिन यात्रियों को इसका शाम 7:18 तक इंतजार करना पड़ा।
नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस पौने दस घंटे, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे, हरिद्वार एक्सप्रेस 31 मिनट, दिल्ली हाथरस किला मेमू 35 मिनट, मेरठ छावनी पैसेंजर 45 मिनट, दिल्ली स्पेशल कुंभ साढ़े आठ घंटे, जम्मू तवी एक्सप्रेस पौने तीन घंटे, सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, सीमांचल एक्सप्रेस सवा चार घंटे, आम्रपाली एक्सप्रेस 55 मिनट, नेताजी एक्सप्रेस आठ घंटे देरी से गाजियाबाद पहुंची।

Author: planetnewsindia
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