भारत में सेवा निर्यात में पहली छमाही में 11 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। परिवहन क्षेत्र से निर्यात आय 17.3 अरब डॉलर पहुंच चुकी है। यात्रा से होने वाली कमाई सेवा निर्यात का 8 फीसदी है। यात्रा सेवाओं की कमाई पर्यटकों द्वारा चिकित्सा, पर्यटन व शिक्षा गतिविधियों पर खर्च से आती है।

सेवा निर्यात चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल-सितंबर के दौरान 11 फीसदी की मजबूत दर से बढ़ा है। इस दौरान वस्तु निर्यात की वृद्धि केवल 0.1 फीसदी ही रही है। सेवा निर्यात वस्तुओं के निर्यात के मुकाबले 85 फीसदी पर पहुंच गया है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इन इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) के अनुसार, 2024-25 की पहली छमाही में सेवा निर्यात बढ़कर 182 अरब डॉलर पहुंच गया, जो 2023-24 की समान अवधि में 163.9 अरब डॉलर था। 2011-12 और 2023-24 के बीच डॉलर के संदर्भ में वस्तु निर्यात तीन फीसदी व सेवा निर्यात 7.6 फीसदी की दर से बढ़ा है।
सेवा निर्यात सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 10 फीसदी हो गया है। माल निर्यात 12 फीसदी से अधिक है। हाल में सेवा निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि मुख्य रूप से कंप्यूटर सेवाओं के निर्यात (विशेष रूप से सॉफ्टवेयर सेवाओं) के प्रभुत्व व अन्य व्यावसायिक सेवाओं की श्रेणी में वृद्धि से प्रेरित है। परिवहन व यात्रा क्षेत्रों से निर्यात ने भी वृद्धि में योगदान दिया है।
सॉफ्टवेयर का आधा योगदान
सॉफ्टवेयर निर्यात कुल सेवा निर्यात का लगभग आधा हिस्सा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार, 2023-24 में सॉफ्टवेयर सेवाओं के निर्यात के लिए अमेरिका प्रमुख गंतव्य बन गया है। यह भारत के आधे से अधिक सॉफ्टवेयर सेवाओं के निर्यात में योगदान करता है।
Author: planetnewsindia
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