एएमयू प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने कहा कि हाईकोर्ट में कोई झूठा हलफनामा नहीं दे सकता है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्रों ने फिर आवाज बुलंद की है। उन्होंने हाईर्कार्ट में यूनिवर्सिटी पर झूठा हलफनामा देने का आरोप लगाया है।
छात्र नेता मोहम्मद कैफ ने पत्रकारों को बताया कि इंतजामिया छात्र संघ चुनाव नहीं कराना चाहता है, इसलिए हाईकोर्ट में हलफनामा देकर छात्रों को बदनाम करने की कोशिश की गई है। हलफनामा में सीएए, एनआरसी मुद्दा, छात्रों द्वारा मारपीट, पढ़ाई प्रभावित सहित अन्य कारण बताए हैं, जो छात्रसंघ चुनाव के लिए मुफीद नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह सब चुनाव न कराने की तैयारी है। वर्ष 2019 से वर्ष 2024 तक प्रति छात्र से 200 रुपये, जबकि नियमित प्रति छात्र से 125 रुपये लिए गए। इन वर्षों में कुल एक करोड़ 36 लाख 88 हजार 256 रुपये होते हैं, जिनमें से 13 लाख 18 हजार 990 रुपये खर्च हो गए। इस बात का भी जिक्र हलफनामा में है।
हालांकि, यह धनराशि छात्रों की है तो इंतजामिया ने खर्च किसकी अनुमति से कर दिया। छात्र नेता फरीदी अहमद ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव न कराएं, इसके लिए इंतजामिया ने अलग-अलग कक्षाओं में प्रवेश के लिए परीक्षा फॉर्म निकाल दिए। इस संबंध में प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने कहा कि हाईकोर्ट में कोई झूठा हलफनामा नहीं दे सकता है।
Author: planetnewsindia
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