संगम के स्नान घाटों पर हर एक श्रद्धालु ने औसतन 45 मिनट बिताए हैं। आरएफ रिस्ट बैंड से इसका खुलासा हुआ है। पहुंचने से लेकर स्नान के बाद घाट से वापसी तक में औसत समय लगा है।
महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की वास्तविक संख्या पता लगाने के लिए इस बार तीन तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें से एक आरएफ रिस्ट बैंड डाटा एनालिसिस भी है। इसमें श्रद्धालुओं को अपनी कलाई में एक रिस्ट बैंड बांधने के लिए दिया गया।
भीड़ प्रबंधन में मिलेगी मदद
पुलिस अफसरों का कहना है कि घाट पर श्रद्धालुओं की ओर से औसतन बिताए गए समय का पता लगने से भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी। इसी आधार पर मेले में श्रद्धालुओं के प्रवेश व निकास के संबंध में निर्णय लिया जा सकेगा। यह तय किया जा सकेगा कि कब सामान्य यातायात योजना से आवागमन कराया जाना है और कब आपातकालीन यातायात योजना लागू की जानी है। एसएसपी राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरएफ रिस्ट बैंड डाटा एनालिसिस तकनीक से मिले परिणामों के जरिये भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी।
दो दिन के स्नान पर्व में 19 लोगों को चढ़ाया प्लास्टर
पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति पर्व के दौरान 200 से अधिक लोगों को भीड़ की धक्का-मुक्की में चोटें आई हैं। घायलों को मोच व हड्डी फ्रैक्चर होने की भी समस्या आई। इनमें से 19 मरीजों को सेक्टर-दो स्थित केंद्रीय अस्पताल में प्लास्टर चढ़ाया गया। इनमें छह से अधिक लोगों की चकर्ड प्लेट पर गिरने से कलाई में चोट आई। इसके अलावा सात लोगों का पैर फ्रैक्चर हुआ। वहीं, अन्य में कंधा खिसकना, कंधे की हड्डी, पसली, व कूल्हे का फ्रैक्चर होना शामिल है। अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के सर्जन डॉ. विनय यादव ने बताया कि अधिकांश मरीजों को चोट भीड़ की धक्का-मुक्की होने की वजह से आई है।
चार दिन में पांच लाख लोगों ने शटल बसों में मुफ्त फ्री किया सफर
चार दिनों में रोडवेज की शटल बसों में तकरीबन पांच लाख यात्रियों ने मुफ्त यात्रा की। रविवार से शुरू हुई सेवा बुधवार रात 12 बजे तक जारी रही। इस अवधि में सर्वाधिक 2.50 लाख यात्रियों ने मकर संक्रांति पर सफर किया। यूपी रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एमके त्रिवेदी ने बताया कि अब मौनी अमावस्या के एक दिन पहले शटल बसों में फ्री सफर की सौगात यात्रियों को मिलेगी। बृहस्पतिवार से इन बसों में सामान्य दिनों की तरह से यात्रियों को किराया देना होगा। सभी 200 ई बसें अपने निर्धारित रूटों पर संचालित होंगी।
1932 के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट से पहली बार उड़ी इंटरनेशनल फ्लाइट
1932 में प्रयागराज से लंदन के लिए विमान का संचालन हुआ था। इसके 93 वर्ष बाद बुधवार को प्रयागराज एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट रवाना हुई। यह विमान अमेरिका की अरबपति महिला उद्यमी लॉरेन पॉवेल जॉब्स के लिए यहां पहुंचा। इस विमान ने भूटान के लिए उड़ान भरी।
फ्लाइट से रवाना हुईं अमेरिकी अरबपति महिला उद्यमी लॉरेन पॉवेल
बताया जा रहा है कि जॉब्स अगले कुछ दिन भूटान में ही प्रवास करेंगी। महाकुंभ में इस बार कुछ देशों से प्रवासी भारतीय एवं विदेशी नागरिक विमान से सीधे प्रयागराज आ सकते हैं। इसी वजह से एयरपोर्ट पर पहली बार इमिग्रेशन विभाग के भी कर्मचारियों की तैनाती हुई है।
ब्रिटिश हुकूमत के दौरान प्रयागराज से इंटरनेशनल विमान संचालित हुआ करते थे। 1932 तक यहां से लंदन के लिए सीधी फ्लाइट थी। फिलहाल 93 वर्ष के अंतराल के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट से बुधवार 15 जनवरी को इंटरनेशनल फ्लाइट संचालित हुई। हालांकि, इस विमान से सिर्फ लॉरेन पॉवेल जॉब्स और उनके कुछ सहयोगी ही रवाना हुए।
Author: planetnewsindia
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