क्या है जो फिक्स नहीं हो रहा, आपको क्या करना चाहिए?
Google Maps: बरेली वाले मामले की बात करें तो उस पुल का एक हिस्सा एक साल पहले ही गिर गया था, बावजूद गूगल की मैपिंग में यह अपडेट नहीं हुआ। देर-सबेर गूगल को यह बताना होगा कि आखिर उसका मैप बार-बार अपना रास्ता कैसे भटक रहा है।

गूगल मैप्स के आने के बाद लोगों ने राहगीरों और पान दुकान वालों से रास्ता पूछना बंद कर दिया लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि फिर से ये चीजें शुरू होंगी। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि गूगल मैप्स पर भरोसा करना लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। आम आदमी को कौन पूछे, पुलिस अधिकारी भी गूगल मैप्स से धोखा खा जा रहे हैं और यहां तक कि पिटाई की नौबत आ जा रही है।
हाल ही में असम पुलिस को गूगल मैप्स ने गलत रास्ता बता दिया जिसके बाद वे जोरबाग की जगह नागालैंड पहुंच गई जिसके बाद स्थानीय लोगों ने चोर समझकर उनकी पिटाई कर दी। इससे पहले भी GOOGLE MAPS की वजह से कई घटनाएं हुई हैं जिनमें लोगों की जान भी गई है। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि गूगल मैप्स ऐसी गलती लगातार क्यों कर रहा है और यदि आप गूगल मैप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको किन-किन चीजों को ध्यान में रखने की जरूरत है?
गूगल मैप्स की गलती के कारण असम पुलिस के साथ क्या हुआ?
दरअसल असम पुलिस के 16 पुलिस कर्मियों को सात दिसंबर की रात को जोरहाट जिले से एक चाय बागान पर छापा मारना था जहां पहुंचने के लिए पुलिस दल ने गूगल मैप्स की मदद ली लेकिन गूगल मैप्स ने पुलिस दल को जोरहाट की बजाय नागालैंड के मोकोकचुंग जिले में पहुंचा दिया। वहां स्थानीय लोगों ने चोर समझकर पुलिसवालों की पिटाई कर दी, क्योंकि तीन को छोड़ सभी पुलिसकर्मी सादे कपड़े में थे। सबके हाथ में हथियार देखकर लोग इन्हें अपराधी समझ बैठे।
गूगल मैप्स के रास्ता भटकने के कारण तीन महीने में तीन बड़ी घटनाएं
23 नवंबर 2024 का दिन तो आपको याद ही होगा जब गुरुग्राम से यूपी के बरेली शादी में जा रहे तीन युवकों की जान गूगल मैप्स के कारण गई थी, क्योंकि गूगल मैप्स इन तीन युवकों की गाड़ी को उस ब्रिज पर ले गया जो निर्माणाधीन था और आगे से पुल बंद भी नहीं था जिसके कारण युवकों की कार रामगंगा नदी में गिर गई और तीनों की मौत हो गई।
बिहार से गोवा जा रहा परिवार जंगल में फंसा
6 दिसंबर 2024 को एक परिवार के लोग बिहार से गोवा जा रहे थे लेकिन गूगल मैप्स की गलती के कारण वे बेलगावी के घने जंगलों में फंस गए जिन्हें अगले दिन पुलिस की मदद से निकाला गया। इन लोगों को गूगल मैप्स ने शॉर्टकट रास्ता बताया था जिस पर इनलोगों ने भरोसा कर लिया था।
गूगल की गलत से दो डॉक्टर्स की मौत
इससे पहले गूगल मैप्स की गलती के कारण ही दो डॉक्टर्स की मौत हुई थी। यह घटना केरल के एर्नाकुलम की हां जहां 5 लोग कार से निकले थे लेकिन गूगल मैप्स ने उन्हें गलत रास्ता बताया जिसके बाद उनकी कार नदी में गिर गई और दो लोगों की मौत हो गई।
गूगल बार-बार क्यों भटक रहा रास्ता?
उपरोक्त किसी भी घटना के बाद गूगल ने आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है कि ये हादसे क्यों हुए और इनमें उसकी क्या गलती थी, हालांकि गूगल ने यह जरूर कहा है कि वह स्थानीय पुलिस, ऑथरिटी के साथ मिलकर अपने मैप्स को बेहतर कर रहा है। वास्तव में सभी मामलों में तो नहीं लेकिन कुछ मामलों में गूगल की गलती है और गूगल को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। बरेली वाले मामले की बात करें तो उस पुल का एक हिस्सा एक साल पहले ही गिर गया था, बावजूद गूगल की मैपिंग में यह अपडेट नहीं हुआ। देर-सबेर गूगल को यह बताना होगा कि आखिर उसका मैप बार-बार अपना रास्ता कैसे भटक रहा है।
आपके लिए क्या है जरूरी?
अधिकतर मामलों में गूगल मैप्स इस्तेमाल करने वालों की गलती होती है, वह इसलिए क्योंकि कई बार लोग गूगल मैप्स में दिए गए इंडिकेटर और सिंबल को नहीं समझ पाते हैं, इसलिए मैप्स का इस्तेमाल करने से पहले यह जरूरी है कि आप मैप्स को समझें कि उसमें किस सिंबल का क्या मतलब है। गूगल मैप्स किसी हादसे को लेकर भी अपडेट देता है। इसके अलावा अधूरे निर्माण को लेकर भी आधे पुल का ग्राफिक्स मैप्स में दिखता है, जीपीएस सिग्नल खराब होने पर भी गूगल जानकारी देता है जिन्हें नजरअंदाज करना आपको भारी पड़ सकता है। गूगल मैप्स का इस्तेमाल करें, लेकिन थोड़ा भी संदेह हो तो स्थानीय लोगों से जरूर पूछें। यदि गूगल मैप्स शॉर्टकट रास्ता दिखा रहा है तो उसे जूम करके यह जरूर चेक करें कि यह रास्ता शहर से दूर तो नहीं है। यदि ऐसा है तो उस रास्ते पर जाने से बचें।

Author: planetnewsindia
8006478914