आखिर राजधानी के लोगों को क्या हो रहा है, दिल्ली मेट्रो में सीट पर बैठने को लेकर खून बहा दिया। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर सीनियर सिटीजन सीट पर बैठने को लेकर हुआ विवाद जानलेवा साबित हुआ। हिंसक मारपीट में 48 वर्षीय यात्री की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पूर्व आईएएस अफसर और उसके सुप्रीम कोर्ट में वकील बेटे को गिरफ्तार किया है।

देश की राजधानी दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीट पर बैठने को लेकर हुए विवाद के बाद हाथापाई में 48 वर्षीय पवन शर्मा की मौत हो गई।
पुलिस ने मामले में नोएडा निवासी पिता पुत्र संजय प्रताप सिंह (65) और सिद्धार्थ सिंह (36) को गिरफ्तार किया है। दोनों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
संजय प्रताप सिंह सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं वह पहले भी भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं, बेटा सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं। मेट्रो पुलिस के मुताबिक, घटना आठ अक्तूबर को शाम करीब 5:47 बजे प्लेटफॉर्म नंबर एक पर हुई। पवन अपनी मां दुर्गा देवी (65) के साथ यमुना विहार जा रहे थे।
मंडी हाउस स्टेशन पर संजय और सिद्धार्थ ट्रेन में चढ़े। उस समय पवन और उनकी मां वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीटों पर बैठे थे। इसी बात पर विवाद हुआ, जो हाथापाई में बदल गया। पवन ट्रेन के फर्श पर गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोट लगी। जिससे उनकी मौत हो गई।
यह था पूरा मामला
सुप्रीम कोर्ट मेट्रो थाना पुलिस ने सेक्टर 44, नोएडा, निवासी पिता-पुत्र संजय प्रताप सिंह (65) और सेक्टर 50, नोएडा निवासी सिद्धार्थ सिंह (36) गिरफ्तार कर लिया है। संजय प्रताप सिंह रिटायर आईएएस अफसर बताए जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट मेट्रो थाना पुलिस ने सेक्टर 44, नोएडा, निवासी पिता-पुत्र संजय प्रताप सिंह (65) और सेक्टर 50, नोएडा निवासी सिद्धार्थ सिंह (36) गिरफ्तार कर लिया है। संजय प्रताप सिंह रिटायर आईएएस अफसर बताए जा रहे हैं।
मेट्रो पुलिस उपायुक्त डाभी आनंद दिनेश ने बताया कि आठ अक्तूबर को शाम लगभग 5:47 बजे, सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर एक व्यक्ति बेहोश हो गया है। बेहोश व्यक्ति को मां के साथ पहले ही लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी ) अस्पताल ले जाया जा चुका था। अस्पताल पहुंचने पर पुलिस अधिकारी को पता चला कि व्यक्ति पवन शर्मा (48 ) की मौत हो चुकी है।
शुरुआती जांच में पता चला कि मृतक अपनी मां, दुर्गा देवी (65) के साथ यमुना विहार की ओर यात्रा कर रहा था। मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह ट्रेन में चढ़े। उस समय, मृतक और उनकी मां सीनियर सिटिजन के लिए आरक्षित सीटों पर बैठे थे। सीनियर सिटिजन सीट को लेकर मृतक और दोनों आरोपियों के बीच विवाद हुआ, जो बाद में हाथापाई में बदल गया। आरोप है कि संजय प्रताप सिंह और सिद्धार्थ सिंह ने पवन शर्मा की पिटाई की। उन्होंने पवन को थप्पड़ मारा और धक्का दिया गया।
उन्होंने बताया कि मृतक की मां के बयान पर सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं में 9 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के दौरान, दो आरोपियों की भूमिका की जांच की गई। जांच में मिले सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को अदालत के सामने पेश किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मृतक पवन निजी क्षेत्र में काम करते थे।
जांच में पुलिस विवाद की वास्तविक वजह, मारपीट के घटनाक्रम और सिर में लगी चोटों का पवन शर्मा की मौत से संबंध पता लगाने में जुटी है। घटना के समय ट्रेन में मौजूद यात्रियों और मेट्रो स्टाफ से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि दोनों आरोपियों की भूमिका और मौत की परिस्थितियों का स्पष्ट पता लगाया जा सके।
थप्पड़ मारा गया और धक्का दिया गया’
पुलिस ने कहा कि बहस के दौरान पवन शर्मा को कथित तौर पर आरोपियों ने थप्पड़ मारा गया और धक्का दिया गया, जिससे वे गिर गए और उनके सिर में चोट लग गई। एफआईआर में कहा गया है कि मेट्रो कर्मचारी उन्हें एम्बुलेंस से लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने कहा कि बहस के दौरान पवन शर्मा को कथित तौर पर आरोपियों ने थप्पड़ मारा गया और धक्का दिया गया, जिससे वे गिर गए और उनके सिर में चोट लग गई। एफआईआर में कहा गया है कि मेट्रो कर्मचारी उन्हें एम्बुलेंस से लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।


