
पैरा जूडो में कपिल परमार ने कमाल कर दिया. कपिल ने कांस्य पदक जीता. इस मेडल के साथ ही पेरिस पैरालंपिक में भारत के पदकों की संख्या 25 हो गई है. भारत अब तक 5 गोल्ड, 8 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है.
पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन जारी हैं. इसी कड़ी में J1 60 किग्रा मेन्स पैरा जूडो में कपिल परमार ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. 5 सितंबर (गुरुवार) को कांस्य पदक के मैच में कपिल ने ब्राजील के एलिल्टोन डि ओलिवेरा को एकतरफा तरीके से 10- 0 से हराया. पैरालंपिक के इतिहास में भारत का जूडो में यह पहला पदक रहा
पैरा जूडो में J1 वर्ग में वो खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जो दृष्टिबाधित होते हैं या फिर उनकी कम दृष्टि होती है. कपिल के कांस्य पदक के साथ ही पेरिस पैरालंपिक में भारत के पदकों की संख्या अब 25 हो गई है. भारत अब तक 5 गोल्ड, 8 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है. परमार ने 2022 एशियाई खेलों में इसी वर्ग में रजत पदक जीता था.
बता दें कि कपिल परमार ने क्वार्टर फाइनल में वेनेजुएला के मार्को डेनिस ब्लांको को 10-0 से मात दी थी. हालांकि सेमीफाइनल में उनको ईरान के एस. बनिताबा खोर्रम अबादी ने 0-10 से हरा दिया. परमार को इन दोनों मुकाबलों में एक-एक पीला कार्ड मिला. सेमीफाइनल में हार के साथ ही परमार का गोल्ड जीतने का सपना जरूर टूट गया, लेकिन उन्होंने कांस्य पदक जीतकर अब नया इतिहास रचा.
उधर महिलाओं के 48 किग्रा जे2 वर्ग के क्वार्टर फाइनल में भारत की कोकिला को कजाखस्तान की अकमारल नौटबेक से 0-10 से हार का सामना करना पड़ा. फिर रेपेचेज-ए के J2 फाइनल में कोकिला को यूक्रेन की यूलिया इवानित्स्का से 0-10 से हार मिली. इसमें उन्हें तीन जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी को दो पीले कार्ड मिले. जूडो में पीले कार्ड मामूली उल्लघंन के लिए दिए जाते हैं. J2 वर्ग में आंशिक दृष्टि वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं.