लखनऊ में बिल्ड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक नहीं लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 55 हजार करोड़ रुपये का बजट है। आयुष्मान भारत योजना का विस्तार और बेहतर स्वास्थ्य ढांचा विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है।

लखनऊ में अमर उजाला बिल्ड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा पर मंथन जारी है। स्वास्थ्य, एक्सप्रेसवे, ऊर्जा, औद्योगिक निवेश, रियल एस्टेट, एमएसएमई और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेषज्ञ चर्चा कर रहे हैं। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि बीते 9 वर्षों में यूपी में विकास का पहिया तेजी से घूमा है। अमर उजाला ने इस आयोजन के जरिए यूपी के व्यापारिक ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत सरकार और राज्य सरकार प्रदेश के विकास में कई सारी योजनाओं को चला रही है।
मुक्त इलाज करना आसान होगा
इस योजना से संबंध हमारे अस्पताल है, जिसमें गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स भी हैं। प्राइवेट अस्पताल और हमारी कोशिश है कि लगातार आयुष्मान भारत योजना के तहत जो इंपैनल्ड अस्पताल हैं, सरकारी अस्पताल तो सभी एंड पैनल है प्राइवेट अस्पतालों की संख्या भी हम बढ़ते जा रहे हैं, इसके पीछे हमारी सोच सिर्फ इतनी है कि जितना ज्यादा हम काशन में छोटे शहरों में गांव में इसको एक्सपैंड करेंगे। उतना हर सामान्य व्यक्ति के लिए इस योजना के तहत मुक्त इलाज करना आसान होगा।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि एनडीए की सरकारों का तो यह रिकॉर्ड है कि हम हमेशा एक असंभव से दिखने वाले लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ते हैं। उत्तर प्रदेश की 26 करोड़ आबादी के लिए यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज का लक्ष्य भी हमें हासिल करना है। जब हम कहते हैं कि कोई विषय हमारी प्रायोरिटी, शासन की प्रायोरिटी है। भारत सरकार ने हेल्थ को प्रायोरिटी बनाया।
इस वित्तीय वर्ष का ही बजट 55 हजार करोड़ है, उत्तर प्रदेश का कुल बजट कितना है, 9.12 लाख करोड़। उसके कुल बजट का 6% यानी 55 हजार करोड़ हेल्थ का बजट है। भारत सरकार में भी अभी हम जब नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति लेकर आए तो हमने तय किया कि हमें स्वास्थ्य के बजट को अपने कुल बजट का ढाई प्रतिशत तक पहुंचना है, लेकिन उत्तर प्रदेश के अंदर अगर 6% कुल बजट का एलोकेशन हेल्प के लिए होता है तो यह बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि बिना डॉक्टर की सलाह के न लें एंटीबॉयोटिक, इससे समस्याएं हो सकती हैं।
पहले यूपी की इमेज एक बीमारू राज्य के रूप में होती थी
उन्होंने कहा कि आज से कुछ वर्षों से पहले यूपी की इमेज एक बीमारू राज्य के रूप में होती थी। अब यह छवि टूटी है। मानव संसाधनों में उल्लेखनीय बदलाव हुआ है। देश तभी विकसित होगा जब यूपी विकसित होगा। यूपी को हर यदि विकसित कर लेते हैं तो देश अपने आप में विकसित होने की तरफ बढ़ जाएगा।
उत्तर प्रदेश आज तेज गति से विकास कर रहा है, क्योंकि हम यह मानते हैं कि भारत सरकार 2047 तक विकसित भारत बनाना चाहते हैं और विकसित भारत के लिए विकसित उत्तर प्रदेश अनिवार्य शब्द है। विकसित उत्तर प्रदेश कब होगा, जब स्वस्थ उत्तर प्रदेश होगा और स्वस्थ उत्तर प्रदेश के लिए जरूरी है कि हम वर्ल्ड क्लास हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण उत्तर प्रदेश देश का एक ऐसा राज्य है जो भौगोलिक दृष्टि से चौथा सबसे बड़ा राज्य है।
एंटीबायोटिक के दुरुपयोग से बढ़ रहा खतरा
केंद्रीय मंत्री ने एंटीबायोटिक दवाओं के अनियंत्रित इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोग मामूली बीमारी या संक्रमण होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना खुद दवाएं लेने लगते हैं। कई बार एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स भी नहीं करते। इससे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की समस्या बढ़ती है, जो भविष्य में स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
उन्होंने कहा कि लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक नहीं लेनी चाहिए और निर्धारित उपचार को लेकर चिकित्सकीय निर्देशों का पालन करना चाहिए। जलवायु परिवर्तन और नए रोगजनकों से पैदा होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से निपटने के लिए भी तैयारी जरूरी है।




