आगरा अलीगढ राजमार्ग स्थित श्री हनुमान जी पुलिस चैकी के निकट तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार बाप-बेटे मौत को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक में फंसकर बाइक 50 मीटर तक घिसटती गई, जिससे आग लग गई।
शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 1 बजे जिला मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर सासनी थाना इलाके में पुलिस चैकी श्री हनुमान जी पुलिस चैकी के निकट हुई। घटनाक्रम के अनुार शुक्रवार सुबह 7 बजे शैलेंद्र अपने पिता भगवती प्रसाद (73) को बुलंदशहर के अनूपशहर स्थित आश्रम से लेने गया था।
शुक्रवार दोपहर एक बजे पिता को बाइक से लेकर अपने गांव नहरोई आ रहा था। इसी दौरान आगरा से आ रहे एचपी गैस सिलेंडर से लदे ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। बाप-बेटे के ऊपर से ट्रक का पहिया गुजर गया। इससे उनके शव क्षत-विक्षत हो गए। बाइक करीब 50 मीटर तक ट्रक में फंसकर घिसटती गई, जिससे उसमें आग लग गई। सूचना पर पुलिस और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड ने करीब 15 मिनट में आग पर काबू पाया, तब तक बाइक जलकर रख हो गई थी। दोनों शवों को लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसा देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाया। दमकल कर्मियों ने करीब 15 मिनट में आग पर काबू पाया, तब तक बाइक पूरी तरह से जलकर राख हो गई। पुलिस ने एसपी गैस सिलेंडर वाहन को कब्जे में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

शैलेंद्र के बड़े भाई लग्न सिंह ने बताया, शैलेंद्र की शादी प्रीति से करीब 20 साल पहले हुई थी। उनकी पत्नी प्रीति हाउस वाइफ हैं। शैलेंद्र ने हाईस्कूल तक पढ़ाई की है। वह 20 साल से फैक्ट्री में काम कर रहे हैं। प्रमोशन के बाद वह सुपरवाइजर बने। शैलेंद्र दो बहनों और एक बड़े भाई में सबसे छोटे थे।
पिता भगवती प्रसाद 20 साल से बुलंदशहर के अनूपशहर स्थित आश्रम में रहकर भजन-कीर्तन करते थे। वह 6 महीने में एक बार घर आते थे। शैलेंद्र को जब पिता की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली, तो वह उन्हें लेने के लिए आश्रम गए थे।हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है। सासनी कोतवाली प्रभारी विपिन चैधरी ने बताया कि मृतकों की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के इलाकों में उनकी पहचान कराने का प्रयास कर रही है और अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है। नहरोहई निवासी शैलेंद्र (40) एटा की मुरब्बा फैक्ट्री में करीब बीस वर्ष से सुपरवाइजर था। शैलेंद्र के 5 बच्चे हैं, इनमें 4 बेटी और 1 बेटा है।



