गुन्नौर किसान थू थू दिवस अब होगा 23 को जोश में गरजेगी भकियू असली

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गुन्नौर भाकियू असली अराजनैतिक का धरना 17 दिन बीत जाने के बाद 20 अक्टूबर को तयशुदा कार्यक्रम थू थू दिवस मनना तय हुआ था। किसानों ने धरना स्थल पंचायत की थी। जिसमें किसानों ने महत्वपूर्ण पंचायत में अन्य सयुंक्त विषयों पर निर्णय लिया। जिसमें किसानों के घोषणा संगठन के जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह ने पंचायत के दौरान 20 अक्टूबर को थू थू दिवस मनाना था। मगर रविवार की सप्ताहिक बाजार को लेकर किसानों ने 23 अक्टूबर को होना तयशुदा किया है । 23 अक्टूबर को ही जिला स्तरीय होने वाली मासिक पंचायत भी धरना स्थल पर की जाएगी । किसानों ने शासन प्रशासन से मांग में कहा कि भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी का तवादला होना कोई समाधान नही है। बल्कि व्यवस्था सुधार ली जाएगी। वही किसानों के धरना स्थल पर पहुंचें खुफिया एजेंसी की टीम को गुप्त सबूत दिए हैं ।
राष्ट्रीय प्रमुख सचिव ऋषिपाल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं का प्रचार प्रसार मेला लगा लगाकर किया जा रहा है। लेकिन जमीन की सच्चाई कुछ और वाया कर रही है।
यारा वीरा द्वारा छोड़ा गया प्रदूषित पानी की मांग वर्षो से उठती चली आ रही है।जिससे हजारों लोग बीमारियों का शिकार होते जा रहे है। लेकिन कोई कार्रवाई उद्योगपतियों के खिलाफ नहीं हो पाई।
महेश पंवारी ने दर्द बयां करते कहा कि मेरी जमीन यारा वीरा में चली गई । लेकिन मेरे परिवार की कोई मदद नहीं मिली।
महाराज सिंह ने कहा कि धरना आर पार का होगा चाहे जो मजबूरी हो हमारी मांग पूरी हो जयवीर सिंह यादव जाकिर हुसैन ने समर्थन में कहा कि हम जान दे देंगे पर यहां से उठकर नहीं जाएंगे इस मौके पर मोरध्वज यादव सिंह ,मोहन सिंह, लालाराम यादव, सूरजपाल सिंह हरिशंकर, मलखान सिंह, चंद्रकेश यादव होतीलाल ,कल्याण सिंह ब्रह्म सिंह ,कमलेश यादव ,ब्रजकुमार, हुकुम सिंह, पृथ्वी सिंह, नेमचंद, गिरधारी ,नेमसिंह ,बृजलाल, धर्मपाल ,रामकुमार ,मोजीराम, पप्पू, महेंद्र ,शीशपाल, संचालन देवेंद्र सिंह आद किसान मौजूद रहे ।

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।